भभुआ (शहर) : सोमवार की शाम से शुरू हुई बारिश मंगलवार की सुबह तक लगातार होती रही. पूरी रात बारिश के होने से शहर के अधिकतर गली-मुहल्ले जलमग्न हो गये हैं. शहर के लगभग हर मुहल्ले की यही स्थिति देखी गयी.
सुबह जो लोग टहलने के लिए निकलते थे उनकी दिनचर्या काफी प्रभावित हुई और लोग अपने घरों से टहलने के लिए नहीं निकल पाये.
सदर अस्पताल में मरीजों को हुई मुश्किल : सदर अस्पताल में इलाज के लिए आये मरीज व उनके परिजनों को पानी से होकर गुजरना पड़ा. लोग इलाज कराने के लिये जब सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां परिसर में जलजमाव को देखकर परेशान हो गये और लोग अपने बीमार मरीज को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचा. वहीं परिसर के इंमरजेंसी के तरफ जाने-वाले रास्ते में लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना पडा.
शिक्षा विभाग में भी जलजमाव :
शिक्षा विभाग में रास्ता सहित कार्यालय में भी जलजमाव हो गया. कर्मचारी कार्यालय में नहीं बैठ पाये. साथ ही जिले के कोने- कोने से अपने काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण को भी जलजमाव की वजह से परेशानी उठानी पड़ी.
भवन निर्माण विभाग के कार्यालय में भी घुसा पानी : भवन निर्माण विभाग के कार्यालय परिसर में भी जलजमाव से काफी परेशानी हुई. लोगों को कार्यालय तक पहुंचने के लिए पानीसे होकर गुजरना पड़ा. कर्मी सहित अन्य लोग कार्यालय के परिसर में हुये जलजमाव से अपने खासे परेशान दिखे.
प्रखंड कार्यालय परिसर भी भरा
सदर प्रखंड परिसर के कार्यालय में भी जलजमाव से परेशानी हुई. दूर-दूर से लोग अपने काम को लेकर पहुंचे. लेकिन, जलजमाव को देख कर परेशान हो गये. लोग प्रखंड परिसर जाने के लिए रास्ते में घुटने भर पानी में प्रवेश कर पहुंचे. उस रास्ते से होकर पुलिस लाइन आसपास के मुहल्ले में रहनेवाले लोगों का बुरा हाल था. लोगों ने अपने घरों से निकलना मुनासिब नहीं समझा.
नगर पर्षद के दावे फेल
नगर पर्षद द्वारा दावा किया जाता था कि शहर में गलियों व नालियों के बन जाने से शहरवासियों को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी. लेकिन, नजारा कुछ और ही दिखा. शहर के लगभग सभी वार्डों में जलजमाव देखने को मिला. नगर पर्षद के नालियों व गलियों के बनवाने व नालियों की सफाई कराने को लेकर कई बार सवाल उठा, पर इसका इंतजाम करने के बजाय सिर्फ दावे हुए .
