मुआवजे के लिए जनप्रतिनिधियों व परिजनों ने डॉक्टरों को पोस्टमार्टम से रोका
भभुआ (सदर) : करेंट की चपेट में आने से गुरुवार की रात चैनपुर के पीएचसी की छत पर मरे एक वृद्ध के पोस्टमार्टम को लेकर शुक्रवार को भभुआ सदर अस्पताल में हंगामा हुआ. शुक्रवार की सुबह परिजनों ने मुआवजे के लिए शव को पोस्टमार्टम से रोक दिया.
मौके पर पहुंचे बसपा जिलाध्यक्ष राम एकबाल राम, जिला पार्षद कमलेश राम, जमां खां व हीरा यादव सहित मृतक के बेटे की मांग थी कि बिजली विभाग पर कार्रवाई करते हुए मृतक को 10 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी व इंदिरा आवास का लाभ दिया जाये.
मुआवजे की मांग को लेकर सदर अस्पताल में काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही. अंतत: चैनपुर बीडीओ डॉ सत्येंद्र परासर स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे व मौके पर चार लाख रुपये की राहत राशि आपदा विभाग से दिलाने की घोषणा करते हुए अन्य सरकारी लाभ देने का वादा किया. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराने पर लोग राजी हुए. गौरतलब है कि गुरुवार की रात चैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उपरी छत पर सोने जा रहे एक 52 वर्षीय वृद्ध की 11 हजार करेंट के चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गयी. चैनपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगढ़ के रहनेवाले नथुनी राम अपनी बहू रीता देवी का प्रसव करवाने चैनपुर पीएचसी पर गुरुवार को शाम चार बजे आये हुए थे.
वहां वह अपनी बहू को भरती करा रात नौ बजे वह पीएचसी की छत पर सोने जा रहे थे इस दौरान जब छत पर चढ़े तो उन्हें छत से गुजरा 11 हजार विद्युत प्रवाहित तार नहीं दिखा और वह उसकी चपेट में आ गये. तार से सटते ही झटके से छत के नीचे गिर पड़े उनके सिर में भी गंभीर चोट आ गयी. इसके बाद वहां जुटे लोगों ने वृद्ध को इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजा. लेकिन, सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
