जुलाई के तीसरे हफ्ते की बारिश ने रोपनी की रफ्तार बढ़ायी

किसानों को फायदा अंतिम चरण में पहुंची धान की रोपनी, उर्वरकों की बढ़ी मांग भभुआ (नगर) : धान के कटोरे के नाम से मशहूर कैमूर के किसान माॅनसून की सक्रियता से काफी प्रसन्न है. जिले में धान की रोपनी अंतिम चरण में है. इस वर्ष कृषि विभाग ने जिले में एक लाख आठ हजार हेक्टेयर […]

किसानों को फायदा
अंतिम चरण में पहुंची धान की रोपनी, उर्वरकों की बढ़ी मांग
भभुआ (नगर) : धान के कटोरे के नाम से मशहूर कैमूर के किसान माॅनसून की सक्रियता से काफी प्रसन्न है. जिले में धान की रोपनी अंतिम चरण में है. इस वर्ष कृषि विभाग ने जिले में एक लाख आठ हजार हेक्टेयर में धान की रोपनी का लक्ष्य रखा है.
विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 60 फीसदी से अधिक रोपनी हो चुकी है. पानी की उपलब्धता इसी तरह बनी रही, तो आनेवाले एक पखवारे में रोपनी का काम लगभग पूरा हो जायेगा. हालांकि विभाग का मानना है कि समय से माॅनसून के सक्रिय होने की वजह से इस वर्ष रोपनी का प्रतिशत बढ़ भी सकता है, जबकि नहरी क्षेत्र में कई गांवों की खेतों में ज्यादा पानी भर जाने से रोपनी बाधित भी हो रही है.
खाद की किल्लत की शिकायत नहीं : जहां एक ओर किसान रोपनी कार्य में जोर-शोर से जुटे हुए हैं. वहीं उर्वरक की मांग में भी काफी तेजी आ गयी है. डीएपी, यूरिया, एनपीके व फास्फेट आदि उर्वरकों की मांग बढ़ गयी है. धान की रोपाई करते वक्त किसान मिट्टी में ही डीएपी का प्रयोग करते हैं.
कृषि विभाग के लिए राहत की बात यह है कि अब तक खाद की किल्लत की शिकायत कहीं से नहीं मिली है. गत वर्ष खाद की कालाबाजारी से किसानों को जूझना पड़ा था. विभाग इसे लेकर भी एहतियातन इस वर्ष चौकस है. विभाग का दावा है कि इस बार किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी. खाद का स्टॉक जिले में भरपूर मात्रा में उपलब्ध है.
बारिश का लेखा-जोखा : अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गये हैं. जुलाई माह के तीसरे हफ्ते में हुई अच्छी बारिश से किसानों को काफी फायदा मिला है. जुलाई माह में होनेवाले औसत वर्षानुपात की तीन चौथाई बारिश 21 जुलाई तक हो चुकी है. गौरतलब है कि जिले में जुलाई में सामान्य वर्षापात 374 एमएम है. गत दस दिनों में जिले भर में हुई अच्छी बारिश से खरीफ फसल के अच्छे होने के आसार हैं. माह के अंतिम दिनों में भी अच्छी बारिश का अनुमान है.
जिला कृषि कार्यालय के अनुसार 21 जुलाई तक 48117 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपनी हो चुकी है. जुलाई माह का सामान्य वर्षापात 374.0 एमएम है, जिसके परिपेक्ष में 15 जुलाई तक औसत वर्षापात 162.8 एमएम बारिश थी, पर तीसरे सप्ताह में 21 जुलाई तक 280 एमएम बारिश हुई है.

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