अब 120 क्यूसेक पानी किसानों को मिलेगा
कर्मनाशा : लरमा पंप कैनाल के एनआर वाल में आयी खराबी से एक ही मोटर चल रहा था. परिणाम स्वरुप 60 क्यूसेक पानी ही किसानों को मिल रहा था. इससे अंतिम छोर के किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था.
बुधवार की देर शाम बनारस से एक एनआर वाल बनकर आ गया. अब किसानों को 120 क्यूसेक पानी मिलेगा. एनआरवाल बनकर आने की सूचना जैसे ही मिली. क्षेत्र के किसान खुशी से झूम उठे. गौरतलब है कि क्षेत्र के किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए कर्मनाशा बाजार के उत्तर तरफ नदी तट पर लरमा पंप कैनाल का सरकार द्वारा निर्माण कराया गया है. पंप कैनाल को पूरी क्षमता से चलाने के लिए तीन मोटर पंप के साथ तीन एनआरवाल भी लगे हैं. इसमे डेढ़ माह पहले पंप के दो एनआरवाल में खराबी आ आयी थी. एनआरवाल खराब हो जाने से कैनाल का एक ही पंप चल रहा था. इससे अटरिया मैरे सहित अंतिम छोर के कई गांवों के किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी.
एनआरवाल खराब हो जाने की खबर क्षेत्र के किसानों ने पूर्व सांसद जगदानंद सिंह को दी. पूर्व सांसद ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर तत्काल एनआरवाल बनाने को कहा. इस पर अधिकारियों ने आठ जून को एनआर वाल बनाने के लिए वाराणसी भेजा गया, जो एक माह बाद बुधवार की देर शाम लरमा पंप कैनाल पर बनकर आ गया और शुक्रवार से लरमा पंप कैनाल का दूसरा मोटर भी चलने लगेगा.
दूसरा मोटर चालू हो जाने से अंतिम छोर के किसानों के खेतों की सिंचाई करने की व्यवस्था सुलभ हो जायेगी. वहीं देर शाम राजद नेता एवं किसानों की टीम कैनाल पहुंच कर जायजा लिया. टीम में राजद के पूर्व प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह, सतीश यादव, पारस यादव, योगेंद्र यादव, मुखिया सौरभ पासवान, पूर्व मुखिया शोएब उर्फ शिबू खान आदि शामिल थे.
इस संबंध में पूछे जाने पर जेइ गोवर्द्धन जराय ने बताया कि कैनाल पंप के दो एनआरवाल में खराबी आ गई थी. इसे आठ जून को बनाने के लिए भेजा गया था. एक एनआरवाल बनकर आ गया है. इसे लगाया जा रहा है. शुक्रवार से कार्य करने लगेगा. दूसरा एनआरवाल भी एक हफ्ते में बनकर आ जायेगा. इसे बनाने में तीन लाख पचास हजार रुपये का खर्च आया है.
