केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उजाला योजना के तहत बिजली बचत करने के उद्देश्य से सभी उपभोक्ताओं को एलइडी बल्ब दिया जा रहा है. इसके तहत एक बिजली उपभोक्ता को 10 एलइडी बल्ब दिये जायेंगे.
भभुआ : बिजली बचाने को लेकर सरकार ने नयी पहल करते हुए बिजली उपभोक्ताओं को कम कीमत में एलइडी बल्ब वितरित करने का निर्णय लिया है. ऐसा कम बिजली खपत और कम बिल भुगतान को ध्यान में रख कर किया गया है. गौरतलब है कि उजाला योजना के तहत केंद्रीय नीति के तहत सभी उपभोक्ताओं को एलइडी बल्ब मुहैया कराया जा रहा है.
जहां लोग 100 वाट का आम बल्ब और 18 वाट का सीएफएल जलाते थे, वहीं अब उन्हें बिजली विभाग से नौ वाट का एलइडी बल्ब वितरित किया जा रहा है. यह बल्ब आम बाजार के मूल्य से काफी कम व सरकार द्वारा सब्सिडी प्राप्त है. इसको वितरीत करने के लिए सरकार द्वारा एनर्जी इफिसिएंसी सर्विस लिमिटेड को अनुबंधित किया गया हैं.
कैसे मिलेगा एलइडी बल्ब : एलइडी बल्ब वैसे व्यक्ति को दिये जायेंगे, जो बिजली विभाग का उपभोक्ता होगा. एलइडी बल्ब लेने के लिए अपना तत्काल जमा बिल की छायाप्रति के साथ वोटर आइ कार्ड की छायाप्रति या आवासीय प्रमाणपत्र की छायाप्रति के साथ बिजली विभाग कार्यालय या बिजली विभाग द्वारा चिह्नित कांउटर पर जमा कर एलइडी बल्ब प्राप्त करना होगा.
एलइडी बल्ब के फायदे
आम तौर पर बल्ब 100 वाट के व सीएफएल 18 वाट के होते हैं. वहीं बिजली विभाग उपभोक्ताओं को नौ वाट का एलइडी बल्ब दे रहा है. सीएफएल बल्ब 50 प्रतिशत ऊर्जा बचाता है और एलइडी 88 प्रतिशत बचाता है. वहीं बिजली बिल के वार्षिक बचत में जहां आम बल्ब बचत नहीं कर पाता है, वहीं सीएफएल 85- 90 रुपये व एलइडी का एक बल्ब 150- 250 रुपये तक प्रतिवर्ष बिजली बचाता है.
साथ ही जहां आम बल्ब की कोई वारंटी नहीं होती, वहीं सीएफएल की एक वर्ष की वारंटी व एलइडी की तीन वर्ष की वारंटी दी जा रही है. इसके साथ ही जहां आम बल्ब की क्षमता 12 सौ घंटे जलने की है, वहीं सीएफएल की क्षमता आठ हजार घंटा व एलइडी की 25 हजार घंटा जलने की क्षमता हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
सहायक कार्यपालक अभियंता आशीष कुमार झा का कहना है कि एलइडी बल्ब के उपयोग से काफी बिजली की बचत होगी. विभाग द्वारा एलइडी बल्ब का वितरण शुरू किया जा चुका है.
बल्ब की वारंटी या क्षतिग्रस्त होने पर कैसे होगी वापसी
एलइडी बल्ब की वारंटी तीन वर्ष की है. साथ ही अगर कोई तकनीकी खराबी आ जाती है, तो उसे वितरण काउंटर से बदला जा सकता है. यदि वितरण के बाद खराब होता है, तो इसे नजदीक के बाजार में बिजली विभाग द्वारा चिह्नित किये हुए दुकान से बदला जा सकता है.
