एक चापाकल के सहारे बुझ रही 2200 छात्र-छात्राओं की प्यास

हाल शहर के टाउन हाइस्कूल का भभुआ (नगर) : 1931 में स्थापित आदर्श इंटरस्तरीय मॉडल टाउन हाइस्कूल में असुविधाओं का दंश यहां पढ़नेवाले छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है. इस स्कूल में करीब 2200 छात्र-छात्रा हैं. वहीं इस स्कूल में हर समय कई परीक्षा सहित शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारियों सहित अन्य बैठकें भी आयोजित […]

हाल शहर के टाउन हाइस्कूल का

भभुआ (नगर) : 1931 में स्थापित आदर्श इंटरस्तरीय मॉडल टाउन हाइस्कूल में असुविधाओं का दंश यहां पढ़नेवाले छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है. इस स्कूल में करीब 2200 छात्र-छात्रा हैं. वहीं इस स्कूल में हर समय कई परीक्षा सहित शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारियों सहित अन्य बैठकें भी आयोजित होती रहती हैं. वैसे तो छात्र-छात्राओं को प्यास बुझाने के लिए छह चापाकल विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर लगाये गये हैं.
लेकिन, वर्तमान में एक ही चापाकल पानी दे रहा है. बाकी सभी चापाकल मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हुए हैं. इससे छात्र-छात्राओं सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है. विद्यालय के प्रधानाचार्य रामराज राम ने कहा कि बंद चापाकलों की मरम्मती विधानसभा चुनाव के दौरान पीएचइडी द्वारा करायी गयी थी. इसके बाद पुन: पांच चापाकल खराब हो गये. इनकी मरम्मत के लिए पीएचइडी को सूचित भी किया जा चुका है.
लेकिन,चापाकलों की मरम्मती के लिए कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गयी है. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता रामपदोह बेदिया ने कहा कि नगर पर्षद क्षेत्र में लगे सरकारी चापाकलों की मरम्मत की जिम्मेवारी नगर पर्षद की है.

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