भभुआ(नगर) : मॉनसून शुरू होने के साथ बढ़ी वज्रपात की घटना ने सुरक्षा को शक के दायरे में लाकर खड़ा कर दिया है. अमूमन ग्रामीण इलाकों में होनेवाली इन घटनाओं को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं. यह बात चर्चा के दायरे में आ गयी है कि क्या सरकारी भवनों में इससे बचने के उपाय किये गये हैं या उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया है. दूसरे शब्दों में कहे तो सरकारी भवनों पर सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है.
जाहिर सी बात है जिले में स्थित सरकारी स्कूल हो या अस्पताल यहां तड़ित चालक यंत्रों के नहीं लगने से व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न उठना लाजिमी है. जिले में माॅनसून की पहली बारिश में ही ठनका गिरने से करीब 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. जबकि, इस दौरान कई लोग घायल हुए हैं. वहीं, कई मवेशियों की भी मौत हो गयी है. अक्सर यही देखा जाता है कि ठनका गिरने से ग्रामीण इलाके में रहनेवाले लोगों को ही इसका शिकार ज्यादा होना पड़ता है.
निजी मकानों पर लगे हैं तड़ित चालक यंत्र : बताया जाता है कि सरकारी भवनों में भले ही तड़ित चालक यंत्र नहीं लगे हों. लेकिन, शहरी इलाके में घर बनानेवाले लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिहाजा से इसे लगवा रखा है. शहर में बने कई बड़े भवनों में तड़ित चालक यंत्र लगे हैं. यह अलग बात है कि सरकारी भवन इससे अछूते हैं.
आपदा से मृत्यु पर चार लाख का है प्रावधान
प्राकृतिक आपदा मृत्यु होने पर संबंधित व्यक्तियों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है. इस स्थिति में किसी की मृत्यु होने पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये दिये जाते हैं.
क्या है तड़ित चालक यंत्र
एक धातु का चालक छड़ होती है जिसे ऊंचे भवनों की आकाशीय विद्युत से रक्षा के लिए लगाया जाता है. तड़ित चालक का ऊपरी सिरा नुकीला होता है और इसे भवनों के सबसे ऊपरी हिस्से में लगाया जाता है. इन्हें किसी चालक तार आदि से जोड़ कर, उस तार को नीचे लाकर धरती में गाड़ (अर्थ) दिया जाता है.
तड़ित चालक यंत्रों की गांवों में जरूरत
अक्सर यह देखा जाता है कि ग्रामीण इलाकों में ही आकाशीय बिजली गिरने से लोगों को मौत का सामना करना पड़ता है. इसमें कभी उन्हें खुद की जान से हाथ धोना पड़ता है तो कभी मवेशियों की जान चली जाती है.
ऐसे में लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाके में बने भवनों में तड़ित चालक यंत्र लगाना काफी आवश्यक हो गया है, जहां तक शहरों की बात है तो शहरों में स्थित मोबाइल टावर भी तड़ित चालक का काम करते हैं. इन टावरों पर तड़ित चालक यंत्र भी लगे होते हैं. ऐसे में यहां सुरक्षा का खतरा कम रहता है. जानकारों की माने तो शहरों में मोबाइल टावरों के रहने से बिजली गिरने की आशंका कम रहती है.
