नगर पर्षद के 62 अस्थायी सफाईकर्मी हड़ताल पर

वेतन बढ़ोतरी व स्थायी करने की मांग शहर नरक में तब्दील, हर तरफ फैली गंदगी भभुआ(सदर) : भभुआ शहर में साफ-सफाई की जिम्मेवारी संभालने वाले 62 अस्थायी सफाई कर्मचारी बिना नगर पर्षद को सूचित किये वेतन बढ़ाने व स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. अब शहर की सभी 25 […]

वेतन बढ़ोतरी व स्थायी करने की मांग
शहर नरक में तब्दील, हर तरफ फैली गंदगी
भभुआ(सदर) : भभुआ शहर में साफ-सफाई की जिम्मेवारी संभालने वाले 62 अस्थायी सफाई कर्मचारी बिना नगर पर्षद को सूचित किये वेतन बढ़ाने व स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है.
अब शहर की सभी 25 वार्डों सहित अन्य स्थानों की साफ-सफाई की जिम्मेवारी महज 11 सरकारी सफाईकर्मियों के कंधों पर आ गयी है. अस्थायी सफाईकर्मियों का कहना है कि नगर पर्षद के अधिकारी 15-20 वर्षों से स्थायी करने सहित मोबाइल व वरदी देने का झांसा देकर काम ले रहे हैं.
लेकिन, नगर पर्षद के अधिकारियों द्वारा स्थायी करना, तो दूर वेतन तक नहीं बढ़ाया जा रहा. सफाईकर्मियों का स्पष्ट शब्दों में कहना है कि जब तक स्थायीकरण व वेतन पांच हजार से बढ़ा कर 12 हजार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल पर डटे रहेंगे. इधर सफाईकर्मियों के बिना बताये हड़ताल पर चले जाने के निर्णय पर कर्मचारियों के नेता जालंधर डोम का कहना है कि सभी सफाईकर्मी चार जून को नगर पर्षद अध्यक्ष से इस मुद्दे पर मिले, तो उन्होंने 15 जून को मिलने को कहा था. जब 15 जून को कार्यालय में मिलने पहुंचे, तो कार्यालय में न तो अध्यक्ष मिले और न ही कार्यपालक पदाधिकारी. इसके बाद सभी 62 अस्थायी कर्मचारियों ने स्वेच्छा से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने का निर्णय लिया.
हर तरफ गंदगी का अंबार
सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की स्थिति काफी खराब हो गयी है. एक साथ 62 सफाईकर्मियों के हड़ताल पर रहने से शहर में हर तरफ कूड़े व गंदगी का ढेर लगा हुआ है. खास कर सब्जी मंडी, मंडल कारा, जेपी चौक इत्यादि स्थानों की स्थिति काफी खराब हो गयी है.
फिलहाल नप द्वारा 11 स्थायी सफाई कर्मियों द्वारा शहर की साफ-सफाई कराया जा रहा है. इधर सोमवार की दोपहर हुई बारिश में नप के जले पर नमक छिड़कने का काम किया. बारिश के चलते पूरे शहर में जलजमाव हो गया. कूड़े भी बहते हुए सड़क पर आ गये. खास कर सब्जीमंडी व एकता चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों की स्थिति काफी खराब हो गयी.
अब क्या होगा डीएम साहब के आदेश का
62 अस्थायी कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से डीएम साहब का एक हफ्ते में शहर के जाम पड़े नाले और नालियों की उड़ाही करा देने का आदेश भी प्रभावित होने की संभावना है.
पिछले शनिवार को डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने बरसात पूर्व शहर में बने नालों की स्थिति जानने सड़क पर उतरे थे. लेकिन, नाले-नालियों की जाम स्थिति पर उन्होंने नप अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए बरसात शुरू होने से पहले सभी जाम पड़े नालों की उड़ाही करा देने का फरमान सुनाया था. डीएम द्वारा नप अधिकारियों की जिम्मेवारी तय की गयी थी. लेकिन सफाई कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से बरसात से पहले नाला उड़ाही का फरमान भी पूरा होता नहीं दिख रहा
मौजूदा संसाधनों से ही करायी जा रही सफाई
सफाईकर्मियों की हड़ताल पर नगर पर्षद अध्यक्ष बजरंग बहादुर सिंह उर्फ मलाई सिंह ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों और 11 स्थायी मजदूरों से साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सफाईकर्मी गैर कानूनी ढंग से बिना सूचना के हड़ताल पर चले गये, फिर भी शहरवासियों के हित को देखते हुए उनसे वार्ता की जायेगी.

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