भभुआ (ग्रामीण) : बिजली विभाग ने बिजली की बढ़ती खपत को ध्यान में रखते हुए शहर में 54 नये ट्रांसफाॅर्मर लगाने का ठेका प्रवीण इलेक्ट्रिकल्स (मुंबई) को दिया था. इसकी समय सीमा मई तक तय की गयी थी. लेकिन, मई समाप्त हो चुका, पर शहर में अभी तक ट्रांसफाॅर्मर लगाने का काम शुरू नहीं हो सका. बिजली की लचर व्यवस्था से लोग परेशान रहते हैं.
कभी लो-वोल्टेज तो कभी फ्यूज उड़ने की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है. ऐसे में सबसे अधिक पानी की समस्या से जूझना पडता है. शहर में लचर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 54 ट्रांसफाॅर्मर व कवर तार लगाने थे, लेकिन आलम यह है कि अभी तक ट्रांसफाॅर्मर लगाने का काम शुरू ही नहीं किया गया है. विभाग यह भी बताने की स्थिति में नहीं है कि कब तक ट्रांसफाॅर्मर लगाने का काम शुरू किया जायेगा.
अगर सभी ट्रांसफाॅर्मर लग जाते हैं, तो शहर की बिजली की समस्या बहुत हद तक ठीक हो जाती. आये दिन शहर में नये-नये भवनों का निर्माण हो रहा है व विभाग द्वारा नये भवनों को बिजली कनेक्शन दिया जा रहे है. प्राय: ऐसा देखा जाता है कि लोग 4-5 सौ मीटर बांस के सहारे तार खींच कर बांस लगा कर टोका के सहारे बिजली जलाते हैं. इसके लूज होने या हवा तेज चलने से तार आपस में टकराकर पूरे मुहल्ले को अंधेरे मे डुबो देते हैं.
अगर ट्रांसफाॅर्मर व कवर तार लगा दिये जाते हैं, तो लोगों को सुकून मिलती.
अब एेसे में बेचारे उपभोक्ता जाये, तो जाये कहां? विभाग बिजली कनेक्शन देकर अपना बिजली बिल तो ले रहा है, लेकिन उपभोक्ता को कैसी बिजली मिल रही है, इससे विभाग अंजान बना हुआ है. इतना ही नहीं बेचारे उपभोक्ताओं को बिजली को लेकर चौतरफा मार झेलनी पड़ रही है.
