- समीक्षा बैठक में डीएम ने की कार्रवाई
- चार प्रखंडों के दवा भंडारपाल के 20 दिनों की वेतन कटौती
- पांच वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षकों के वेतन से पांच प्रतिशत राशि की होगी कटौती
भभुआ कार्यालय : गुरुवार को समाहरणालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने जिले के दर्जनभर कर्मियों के वेतन काटने व रोक लगाने का आदेश जारी किया है. इसमें शहरी क्षेत्र के टीकाकरण में संतोषजनक कार्य नहीं किये जाने को लेकर एएनएम पूनम कुमारी व सिंधु कुमारी के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है.
दूसरी तरफ जिले के चार प्रखंडों के दवा भंडारपाल अधौरा, चैनपुर, भगवानपुर व नुआंव द्वारा ऑनलाइन दवा की इंट्री अभी तक नहीं किये जाने को ले 20 दिनों के वेतन काटने का आदेश सिविल सर्जन को दिया है.
कुदरा में वहां के बड़ा बाबू पर स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया. उन पर एएनएम सहित अन्य कर्मियों को योजनाओं में रूचि नहीं लेने के लिये बहकाने के आरोप पर डीएम ने उनके ऊपर सिविल सर्जन को विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया है.
इसी तरह से संतोषजनक कार्य नहीं किये जाने पर पांच सीनियर टीबी सुपरवाइजर भगवानपुर, रामपुर, रामगढ़, नुआंव व चैनपुर के वेतन से पांच प्रतिशत राशि की कटौती करने का भी निर्देश डीएम द्वारा दिया गया है.
साथ ही बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि सभी कर्मी पीएचसी प्रभारी से छूटी लेने के बाद छूटी का आवेदन और उसकी जानकारी स्वास्थ्य प्रबंधक को भी देना सुनिश्चित करेंगे. बैठक में डीएम के अलावे प्रभारी सीएस डॉ अनिल कुमार, डीपीएम धनंजय कुमार शर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार सहित सभी पीएचसी प्रभारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहें.
