भभुआ : चैनपुर प्रखंड के बिड्डी गांव में फर्जी जमीन के कागजात और पक्का मकान होने के बावजूद एक लाभुक को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया. ग्रामीण की शिकायत पर जांच में मामला पकड़े जाने के बाद अब लाभुक को प्रथम किस्त की राशि वापस करने का नोटिस दिया गया.
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चैनपुर प्रखंड के बिड्डी निवासी लाभार्थी महमूदन बिबी को पति शमीम खां का आवास स्वीकृत किया गया था. इस आलोक में लाभुक को प्रथम किस्त 45 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया.
लेकिन, बाद में बिड्डी गांव के ही नसीम खां द्वारा प्रशासन से शिकायत की गयी कि महमूदन बिबी द्वारा गलत जमीन दिखा कर और पक्का मकान छुपा कर आवास योजना का लाभ लिया गया है. शिकायत पर उक्त मामले की जांच करने का निर्देश प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चैनपुर को दिया गया था. जांच में लाभार्थी के पास दो कमरों वाला पक्का मकान पाया गया. जबकि, जमीन का कागजात मांगने पर लाभार्थी द्वारा कोई कागजात जांच पदाधिकारी को नहीं दिखाया गया.
जबकि, बीडीओ चैनपुर कहते हैं कि लाभुक को 45 हजार रुपये वापस करने को नोटिस जारी किया गया है. लेकिन, लाभुक पैसा नहीं दे रहा है. इसे लेकर वरीय पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया. लेकिन, पूरे मामले में एक नया सवाल भी खड़ा हो जा रहा है कि प्रखंड स्तर आवास योजना के योग्य अथवा अयोग्य पाये जाने वाले पाये जाने वाले लाभुकों की जांच पड़ताल भी करायी जाती है. ऐसे में उक्त योजना का लाभ प्राप्त करने का दोषी केवल लाभुक ही या अन्य भी.
इस संबंध में उप विकास आयुक्त केपी गुप्ता ने बताया कि लाभार्थी के शपथ पत्र और ग्राम सभा के अनुमोदन पर आवास योजना का लाभ दिया जाता है. इस मामले में लाभुक अगर पैसा नहीं देता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
