भभुआ सदर : सदर अस्पताल से निकलने वाले कबाड़ को बाहर ले जाने से रोकने पर शुक्रवार को अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड से अस्पताल में साफ-सफाई करानेवाले एक निजी संस्था की महिला सफाईकर्मी उलझ पड़ी. इस दौरान महिला सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हो गयी और सफाईकर्मी के बहस से वहां मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गयी.
भारी संख्या में कबाड़ अस्पताल परिसर से बाहर ले जा रही महिला सफाईकर्मी का कहना था कि उसे अस्पताल प्रबंधक ने सभी कबाड़ को बाहर ले जाने को कहा है, जबकि ड्यूटी में तैनात सुरक्षा गार्ड संजय पांडेय का कहना था कि अस्पताल प्रशासन अक्सर शिकायत करता है कि सुरक्षा गार्डों द्वारा मुस्तैदी से ड्यूटी नहीं करने की वजह से अस्पताल से जरूरी या बेकार सामान बाहर पार हो जा रहे हैं.
गार्ड का कहना था कि कबाड़ बाहर ले जाने की अधिकृत स्वीकृति जब सफाईकर्मी से मांगी गयी तो वह आग बबूला हो गयी और अनाप शनाप बकते हुए जबरन कबाड़ ले जाने लगी. जिसपर उसे रोका गया और परमिशन देनेवाले प्रबंधक कबाड़ बाहर ले जाने के लिये लिखित ले आने को कहा.
हालांकि, हल्ला हंगामे पर वहां सफाई करनेवाली संस्था के संवेदक भी मौके पर पहुंच गये और उनके द्वारा दोनों पक्ष को समझाने का प्रयास किया गया. इधर, इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार का कहना था कि उनके द्वारा महिला सफाईकर्मी को कोई भी सामान बाहर ले जाने का निर्देश जारी नहीं किया गया है और ना ही मौखिक ही कोई निर्देश दिया गया है. वैसे मामले की जांच की जा रही है.
