आदर्श गांव का दर्जा देकर बक्सर सांसद ने लिया है बड़ौदा गांव को गोद
रामगढ़ सदर : चिलचिलाती तेज धूप व जबर्दस्त गर्मी जल स्तर को निगल गयी है. अब तक बारिश नहीं होने के कारण घट गया है. जिसके कारण बड़ौदा गांव के दर्जनों घरों के चापाकल दम तोड़ चुके हैं. लोगों के सामने जल संकट एक गंभीर समस्या के रूप में उभर कर सामने आयी है.
आलम यह है कि गांव के किनारे बहने वाली कर्मनाशा नदी भी सूखने के कगार पर है. जिस कारण पीने के पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. मजे की बात यह है कि इस गांव को वर्तमान राज्य स्वास्थ्य मंत्री वह बक्सर सांसद अश्विनी चौबे ने गोद लेकर चौमुखी विकास की बात कही थी.
मगर, विकास करना तो दूर सांसद महोदय ने इस गांव के लोगों से मिलकर उनकी समस्या सुनना भी मुनासिब नहीं समझा. सांसद महोदय अपने कार्य क्षेत्र में होने के बावजूद भी इस गांव में नहीं गये. हालांकि, विधायक अशोक सिंह ने इस गांव में अपने अनुशंसा के द्वारा तीन जगहों पर सबमर्सिबल लगवा कर लगभग 100 घरों में पानी की व्यवस्था कर चुके हैं.
इस सुविधा से मात्र एक तिहाई ग्रामीण ही लाभान्वित है. बाकी के लोग वर्तमान में गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं. गांव में कुछ लोगों ने अपने घरों के लिए निजी सबमर्सिबल लगवाया है. जिससे कि आसपास के लोगों का काम तो चल रहा है. मगर, सवाल यह है कि आखिर कब तक इस तरह लोगों का काम चलेगा. चापाकल तो दम तोड़ ही चुके हैं. वहीं कुछ कुएं भी पूरी तरह से सूख गये हैं.
उल्लेखनीय है कि बड़ौदा गांव के पश्चिम टोला में कपिल मुनि सिंह, करिया सिंह, विंध्याचल सिंह, हरेश सिंह, सुरेश सिंह सहित अन्य लोगों के घरों में लगा चापाकल सूख गये हैं. जिसके कारण लोगों को नहाने और दैनिक कार्य करने की तो दूर की बात पीने तक के लिए पानी का दूसरों के घरों से सहारा लेना पड़ रहा है. अगर, जल्द ही प्रशासन ने और जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या पर कुछ पहल नहीं किया. तो यहां पर जल संकट के रूप में एक गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है.
