बिना खनन पदाधिकारी के पुलिस भी कार्रवाई करने से हुई लाचार
मोहनिया सदर : एक ओर सूबे में बालू की भारी किल्लत का लोगों को सामना करना पड़ रहा है. वहीं, अवैध बालू खनन से माफिया अधिक कीमत पर बालू को सूबे से बाहर यूपी में भेज कर अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. इन दिनों सबसे अधिक बालू की अवैध निकासी मोहनिया-रामगढ़ प्रखंड सीमा पर पनसेरवां गांव के समीप दुर्गावती नदी से हो रही है. पनसेरवां व भिरखीरा के ग्रामीणों की मानें तो दिन में लेबर व रात के समय जेसीबी से ट्रैक्टरों पर बालू की लोडिंग हो रही है. यहां बालू लोडिंग करनेवाले सैकड़ों ट्रैक्टरों में अधिक ट्रैक्टर यूपी नंबर के बताये जा रहे हैं. जब तक अवैध बालू खनन पर कार्रवाई करने का पुलिस को सीधा अधिकार था.
तब तक काफी हद तक इस पर रोक थी. लेकिन, हाइकोर्ट द्वारा खनन से संबंधित सभी अधिकार खनन विभाग को देने के बाद पुलिस लाचार हो गयी है और बालू माफियाओं की चांदी कट रही है. इन माफियाओं को कानून का तनिक भी डर नहीं है. इसका नतीजा है कि नदियों से बालू का अवैध खनन बदस्तूर जारी है.
क्या कहती हैं एसपी
एसपी हरप्रीत कौर ने कहा कि इसमें कार्रवाई करने का अधिकार सिर्फ खनन विभाग को है. अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई करने के मामले में हाइकोर्ट ने दो एसआई पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. खनन पदाधिकारी जितने फोर्स की मांग करेंगे, हम देने के लिए तैयार हैं. लेकिन कार्रवाई वहीं करेंगे.
