27 फरवरी तक जमा करने की दी गयी चेतावनी
भभुआ : जिले में चल रहे खरीफ विपणन वर्ष में सीएमआर का चावल नहीं गिराने वाली समितियों को धान क्रय के कार्य से मुक्त कर दिया जायेगा. समितियों को 27 फरवरी तक हर हाल में सीएमआर गिराने की चेतावनी दे दी गयी है. साथ ही सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों से अब तक सीएमआर नहीं देने वाले समितियों की सूची भी मांगी गयी है.
गौरतलब है कि जिले में चालू वर्ष में धान क्रय को ले कर 151 क्रय समितियों को अधिकृत किया गया है. चालू वर्ष में सरकार द्वारा धान क्रय करने की अवधि लगभग तीन माह बीत चुकी है. लेकिन जिले में धान क्रय की रफ्तार अभी भी गति नहीं पकड़ सकी है. जबकि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा किसानों का धान खरीदने का लक्ष्य 150000 एमटी निर्धारित किया गया था. जो 50 प्रतिशत से भी कम है. हालांकि धान क्रय की रफ्तार पर समितियों के सीसी लिमिट समाप्त होने और बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा भुगतान में सुस्ती बरतने के कारण भी नकेल कसी गयी है.
इधर इस संबंध में जब शनिवार को धान क्रय के नोडल पदाधिकारी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि लगभग एक लाख सीएमआर के लक्ष्य के आलोक में अब तक 18 हजार एमटी सीएमआर ही समितियों द्वारा निगम को दिया गया है, जो काफी कम है. कई समितियों द्वारा चालू वर्ष में अब तक सीएमआर के चावल की कोई मात्रा निगम को नहीं दी गयी है, जिसे लेकर सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है
कि ऐसी समितियों का सूची तत्काल मुहैया करायें. साथ ही समितियों को भी 27 फरवरी तक हर हाल में सीएमआर गिराने का निर्देश दिया गया है. अगर समितियों द्वारा उक्त तिथि तक सीएमआर नहीं गिराया जाता है तो ऐसे समितियों को 28 फरवरी से धान क्रय कार्य से मुक्त कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि निगम द्वारा 18 हजार एमटी सीएमआर के आलोक में 30 करोड़ रुपये का भुगतान समितियों को प्राप्त हो गया है. जबकि 15 करोड़ रुपये का भुगतान निगम के पास लंबित चल रहा है.
