शहर में 100 प्रगणकों ने घर-घर शुरू किया मकान सूचीकरण व गणना का कार्य

17 अप्रैल से दो मई के बीच पोर्टल पर स्वगणना के बाद अब शहर में दो मई से मकान सूचीकरण और मकानों का गणना शुरू कर दिया गया है.

भभुआ सदर. 17 अप्रैल से दो मई के बीच पोर्टल पर स्वगणना के बाद अब शहर में दो मई से मकान सूचीकरण और मकानों का गणना शुरू कर दिया गया है. भभुआ शहर के कुल 25 वार्डों में स्थित मकानों के सूचीकरण और कुल 33 प्रकार की जानकारी के लिए जिला प्रशासन की ओर से 100 प्रगणक और 17 सुपरवाइजर की प्रतिनियुक्ति की गयी है. नगर पर्षद भभुआ के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि शहर में जनगणना से पूर्व होने वाले मकान सूचीकरण व गणना कार्य की शुरुआत कर दी गयी है. इस अभियान के तहत करीब 100 प्रगणकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जो घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र कर रही है. प्रगणक निर्धारित प्रपत्र के अनुसार प्रत्येक मकान का विवरण, उसमें रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार की स्थिति तथा अन्य जरूरी सूचनाएं दर्ज कर रहे हैं. यह कार्य आगामी जनगणना की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है. इओ ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य भभुआ शहरी क्षेत्र में मौजूद सभी आवासीय व गैर-आवासीय भवनों का सही-सही आंकड़ा तैयार करना है, ताकि भविष्य की योजनाओं और सरकारी सुविधाओं का लाभ लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सके. इधर जिला प्रशासन ने भी आम नागरिकों से अपील की है कि सभी नागरिक घर-घर जानेवाले प्रगणकों को सही जानकारी देकर सहयोग करें, ताकि सर्वेक्षण कार्य समय पर और सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके. शहर में जनगणना का कार्य देख रहे कर संग्राहक राम बदन सिंह ने बताया कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से शहर के विभिन्न वार्डों में किया जा रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. =शहर में दो चरणों में होगा जनगणना का कार्य इस बार जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य दो से 31 मई तक किया जायेगा. इसके बाद दूसरे चरण में वास्तविक जनगणना यानी जनसंख्या की परिगणना अगले वर्ष 2027 में नौ से 28 फरवरी तक की जायेगी. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे. दरअसल, इस बार की जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती ही नहीं होगी, बल्कि घर की पूरी कहानी भी दर्ज की जायेगी. =देनी होगी स्नानघर से लेकर रसोई घर तक की जानकारी गौरतलब है कि जनगणना में मकान की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री के बने हैं, घर खुद का है या किराये का, कितने कमरे है आदि बारीक जानकारी भी ली जायेगी. इसके अलावा जनगणना में पानी कहां से आता है, शौचालय है या नहीं, हैं तो किस तरह का है, खाना किस ईंधन से बनता है, एलपीजी, लकड़ी या अन्य साधन से. इस प्रकार के सभी सवाल पूछे जायेंगे. यहां तक कि घर में स्नानघर और रसोईघर की उपलब्धता भी दर्ज की जायेगी. =जनगणना में मोबाइल, इंटरनेट और वाहनों का भी देना होगा हिसाब जनगणना 2027 में डिजिटल दौर को देखते हुए इस बार घर में उपलब्ध सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा लिया जायेगा. घरों में टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, बाइक या कार जैसी चीजों की जानकारी भी प्रगणक जुटायेंगे. एक मोबाइल नंबर भी लिया जायेगा, जो सिर्फ जनगणना कार्य के लिए उपयोग होगा. =जनगणना में पूरे परिवार का बनेगा प्रोफाइल इस बार के होने वाले जनगणना में परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, जाति, परिवार के सदस्यों की संख्या और घर में रहने वाले विवाहित परिवारों की जानकारी भी दर्ज की जायेगी. इससे सरकार को समाज की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिलेगी. जनगणना के कार्य में नोडल पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी 33 सवालों का सही उत्तर देना अनिवार्य है. गलत जानकारी देने पर कार्रवाई भी संभव है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस जनगणना से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. यही आंकड़े आने वाले वर्षों की नीतियों की दिशा तय करेंगे. इसलिए ऐसे में जब प्रगणक आपके दरवाजे पर दस्तक दें, तो सही और पूरी जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें, क्योंकि कहा जाता है कि जनगणना से ही जन कल्याण की राह निकलती है

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Published by: Prabhanjay kumar

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