Vande Bharat: बिहार-झारखंड को अब तक है इंतजार, बंगाल को मिली एक और वंदे भारत ट्रेन की सौगात

बिहार और झारखंड को अब भी एक अदद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार है. उधर, बंगाल को तीसरी वंदे भारत की सौगात मिलने जा रही है, जबकि ओडिशा को भी इस अत्याधुनिक ट्रेन की भेंट मिल चुकी है. पुरी से हावड़ा के बीच एक वंदे भारत ट्रेन चल चुकी है.

बिहार और झारखंड के लोग अब भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल को तीसरी वंदे भारत की सौगात मिल गयी है. जी हां, ममता बनर्जी के शासन वाले पश्चिम बंगाल को तीसरी वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ट्रेन को हरी झंडी दिखायेंगे. पीएम मोदी जिस 17वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को 29 मई 2023 (सोमवार) को हरी झंडी दिखायेंगे, वह पूर्वोत्तर भारत की पहली वंदे भारत ट्रेन होगी. यानी यह ट्रेन पूर्वोत्तर को राज्यों को पश्चिम बंगाल से जोड़ेगी. यह ट्रेन बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से असम गे गुवाहाटी स्टेशन के बीच चलेगी.

12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वंदे भारत को हरी झंडी दिखायेंगे पीएम

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मई को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से असम की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. पीएमओ ने कहा कि अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस क्षेत्र के लोगों को गति और आराम के साथ यात्रा करने का साधन प्रदान करेगी‌ और इससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

गुवाहाटी से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलेगी वंदे भारत ट्रेन

असम के गुवाहाटी को बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दोनों राज्यों को जोड़ने वाली वर्तमान में चलने वाली सबसे तेज ट्रेन की तुलना में यात्रा के समय में लगभग एक घंटे की बचत करने में मदद करेगी. वंदे भारत यात्रा को 5 घंटे 30 मिनट में तय करेगी, जबकि वर्तमान सबसे तेज ट्रेन उसी यात्रा को तय करने में 6 घंटे 30 मिनट का समय लेती है.


182 किमी लंबे नये इलेक्ट्रिक खंड राष्ट्र को करेंगे समर्पित

प्रधानमंत्री 182 किलोमीटर लंबे मार्ग के नये विद्युतीकृत खंडों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इससे यात्रा में लगने वाले समय को कम करने के साथ प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रदान करने में भी मदद मिलेगी. पीएमओ ने कहा कि यह मेघालय में प्रवेश करने के लिए विद्युत चालित ट्रेनों के दरवाजे भी खोलेगी. प्रधानमंत्री असम के लुमडिंग में नवनिर्मित डेमू/एमईएमयू शेड का भी उद्घाटन करेंगे.

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हावड़ा और न्यू जलपाईगुड़ी से चलेंगी 2-2 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल को अब तक दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिल चुकी है. पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चली थी. दूसरी ट्रेन बंगाल के कोलकाता (हावड़ा) से ओडिशा के पुरी स्टेशन के बीच चली और अब तीसरी ट्रेन असम के गुवाहाटी से बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलने जा रही है. यानी बंगाल के दो शहरों को 2-2 वंदे भारत ट्रेन की सौगात अब तक मिल चुकी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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