Jehanabad : ठंड की दस्तक के साथ गुलजार हुआ गर्म कपड़ों का बाजार

सर्दी की दस्तक के साथ ही मौसम में ठंडक घुलने लगी है और इसके असर से शहर के बाजार गर्म कपड़ों से गुलजार होते दिख रहे हैं. तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है. सुबह और शाम हल्की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है.

जहानाबाद नगर

. सर्दी की दस्तक के साथ ही मौसम में ठंडक घुलने लगी है और इसके असर से शहर के बाजार गर्म कपड़ों से गुलजार होते दिख रहे हैं. तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है. सुबह और शाम हल्की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है. शहर के मुख्य बाजार से लेकर चौक-चौराहों तक जहां नजर जाए, वहां कंबल, जैकेट, स्वेटर, शॉल, टोपी और दस्तानों की दुकानों पर भीड़ उमड़ी दिख रही है. कपड़ों के बड़े शोरूम के साथ-साथ सड़कों किनारे बैठे अस्थायी दुकानदारों की बिक्री भी जोर पकड़ चुकी है. कश्मीरी उलेन बाजार सहित कई स्थानों पर अस्थायी गर्म कपड़ों के स्टॉल भी खोले गये हैं, जहां ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है. दुकानदारों का कहना है कि इस बार महिलाएं सबसे अधिक खरीदारी कर रही हैं. अधिकतर महिलाएं अपने परिवार के लिए टोपी और दस्तानों की खरीदारी कर रही हैं. खासकर बच्चों के गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है. विभिन्न प्रकार के ऊनी कपड़ों की वेरायटी मिलने से ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक चुनाव कर रहे हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. फिलहाल बाजार की रौनक और ग्राहकों की भीड़ इस बात की गवाही दे रही है कि सर्दी ने अब पूरी तरह से दस्तक दे दी है.

फुटपाथ बाजार में बिक रहे 200 से 2000 रुपये तक के जैकेट : फुटपाथ बाजार में इन दिनों सर्दी से बचाव के लिए जैकेट और स्वेटरों की भारी मांग देखी जा रही है. यहां 200 से 2000 रुपये तक के जैकेट और स्वेटर उपलब्ध हैं, जबकि शोरूम और दुकानों में जैकेट की कीमत 500 से 3000 रुपये तक है. ठंड बढ़ने के साथ ही कंबलों की बिक्री भी तेजी से बढ़ गयी है.

बाजार में 600 से 3000 रुपये तक के कंबल खरीदे जा रहे हैं. काश्मीरी उलेन बाजार के संचालक ने बताया कि इस बार स्वेटर और जैकेट के आकर्षक और नए डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं. इसके अलावा सड़कों के किनारे रजाई और गद्दे बनाने का काम भी शुरू हो गया है. कई लोग तैयार रजाई-गद्दे खरीद रहे हैं, जबकि कुछ अपने मुताबिक ऑर्डर देकर बनवा रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार एक रजाई तैयार करने में कम से कम पांच किलो रुई लगती है. बाजार में रुई 60, 80, 200 और 250 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. रजाई की कीमतें 800 रुपये से शुरू होकर 2000 रुपये तक पहुंच रही हैं. लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार पूरी तरह से गुलजार हो गया है. बाजार में ऊनी कपड़ों की खरीदारी के लिए भीड़ लग रही है.

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Author: MINTU KUMAR

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