Jehanabad News: जिले में शुक्रवार की शाम और रात में रुक-रुक कर हुई लगातार बारिश के बाद जहानाबाद शहर की स्थिति एक बार फिर नारकीय हो गई है. शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी मोहल्लों में भारी जलजमाव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई है. सड़कों पर पसरी गंदगी और कीचड़ के कारण पैदल चलने वालों से लेकर वाहन चालकों तक को आवागमन में भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि शनिवार सुबह मौसम साफ होने से बाजार की मुख्य सड़कों से पानी धीरे-धीरे निकल गया, लेकिन सड़कों के किनारे कीचड़ की मोटी परत जमने से फिसलन और दुर्गंध बढ़ गई है.
राजा बाजार रेल अंडरपास में 3 फीट तक भरा पानी
शहर में जलजमाव का सबसे विकराल रूप राजा बाजार स्थित रेल अंडरपास के पास देखने को मिला. बारिश के बाद नए अंडरपास में करीब तीन फीट और पुराने अंडरपास में एक फीट तक पानी जमा हो गया. पानी भर जाने से इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई. नगर परिषद की ओर से वहां लगाए गए परमानेंट मोटर और अतिरिक्त सक्शन मशीन के जरिए कई घंटों की मशक्कत के बाद पानी को निकाला गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
NH 22 और सिविल कोर्ट मार्ग पर जगह-जगह लगा पानी का अंबार
एनएच 22 के किनारे फिदा हुसैन मोड़ से लेकर पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई की मुख्य शाखा तक सड़क किनारे भारी जलजमाव बना हुआ है. इसके अलावा पुराने ब्लॉक ऑफिस, सिविल सर्जन कार्यालय और पुराने सिविल कोर्ट परिसर के सामने बारिश का पानी जमा होने से सरकारी दफ्तरों में आने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. विशेष रूप से सिविल कोर्ट जाने वाली सड़क पर 'बत्तीस भंवरिया' के पास भारी जलजमाव से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है.
गलियों में पसरा नाबदान का गंदा पानी, सब्जी मंडी का बुरा हाल
राजा बाजार के दक्षिणी दौलतपुर, सर गणेश दत्त नगर, सत्संग नगर, पुरानी बिजली कॉलोनी, मौर्या नगर, माले ऑफिस के निकट, बक्खो टोली, कृष्णपुरी मोहल्ला, पुराना केला गोदाम और विष्णुगंज की गलियों में नाबदान का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. शहर के व्यावसायिक इलाकों की स्थिति भी दयनीय है. शिवाजी पथ, सट्टी मोड़, मेन रोड, अस्पताल रोड, थाना रोड, पुरानी अस्पताल रोड और पीली कोठी से सब्जी मंडी जाने वाली सड़क पूरी तरह कीचड़ से सन गई है, जिससे खरीदारी करने पहुंचे आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है.
नालों की उड़ाही न होने से बदहाल हुई शहर की ड्रेनेज व्यवस्था
शहर के जलमग्न होने का मुख्य कारण नगर परिषद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान के चलते समय पर बड़े नालों की उड़ाही न होना है. गर्मी के मौसम में नालों की तली-झाड़ सफाई नहीं कराई गई और केवल ऊपर-ऊपर से कचरा छानकर खानापूर्ति की गई. शहर के अधिकांश बड़े नाले जाम होने के कारण बारिश का पानी नालों से निकलने के बजाय सीधे सड़कों और रिहायशी मोहल्लों में फैल रहा है.
