मखदुमपुर. वाणावर हॉल्ट के समीप मंगलवार को एक महिला की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया. घटना झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराये जाने से जुड़ी बतायी जा रही है. सड़क जाम के कारण इलाके में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया और मखदुमपुर-वाणावर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. जानकारी के अनुसार डकरा पंचायत अंतर्गत साधु ग्राम निवासी ज्ञानती देवी की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे मुससी स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था. परिजनों का आरोप है कि उक्त क्लिनिक में महिला का डिलीवरी ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी. स्थिति गंभीर होने पर निजी क्लिनिक के डॉक्टर ने महिला को गया रेफर कर दिया. गया ले जाने के दौरान अथवा इलाज के क्रम में मंगलवार की सुबह महिला की मौत हो गयी. महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गये. ग्रामीणों का आरोप था कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लापरवाही से ऑपरेशन किये जाने के कारण महिला की जान गयी है. इसी आक्रोश में शव को मखदुमपुर-वाणावर मुख्य मार्ग पर रखकर दो घंटे तक सड़क जाम कर दिया गया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गयी. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई. सूचना मिलते ही मखदुमपुर थानाध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद घंटों बाद जाम हटाया गया, तब जाकर यातायात बहाल हो सका. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. वहीं ग्रामीणों ने अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिकों व झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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