देसी पिस्तौल व कारतूस रखने वाले दोषी को तीन साल की सजा

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास झा की अदालत ने देसी पिस्तौल व कारतूस रखने के आरोप में दोषी को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरा करने के उपरांत इस्लाम यादव को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी) ए के तहत तीन साल का कठोर कारावास व पांच हजार अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा. उपरोक्त आशय की जानकारी एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह ने दिया.

जहानाबाद नगर. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास झा की अदालत ने देसी पिस्तौल व कारतूस रखने के आरोप में दोषी को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरा करने के उपरांत इस्लाम यादव को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी) ए के तहत तीन साल का कठोर कारावास व पांच हजार अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा. उपरोक्त आशय की जानकारी एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह ने दिया. उन्होंने बताया कि इस मामले में घोसी थाना के अवर निरीक्षक मोहम्मद अयूब ने घोसी थाने में इस्लाम यादव को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराया था. दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था कि 7 सितंबर 2003 को रविवार सुबह 6.30 बजे शांतिपूर्ण एवं स्वच्छ मतदान करने के उद्देश से कलसटर सेंटर पहुंचा तो गुप्त सूचना मिली कि कुबेर गांव में इस्लाम यादव के घर पर हरवे हथियार के साथ अपराधियों का जमाबड़ा लगा है. इस सूचना पर हम लोग पुलिस बल के साथ इस्लाम यादव के घर पहुंचा एवं घर की घेराबंदी करके तलाशी लिया गया तो एक कमरे में ताखा फर रखा गया देसी पिस्तौल और ,315 बोर का कारतूस बरामद हुआ. इस संदर्भ में इस्लाम यादव के द्वारा कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया. बताते चलें कि इस मामले में अभियोजन की ओर से न्यायालय में सात गवाह प्रस्तुत किया गया था.

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