जहानाबाद. शहर के भागीरथबिगहा के निकट वर्षों से कूड़े का अंबार लगा है. पहले पूरे नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाला कूड़ा भागीरथबिगहा में बने डंपिंग जोन में ही फेंका जाता था. कई वर्ष पहले भागीरथबिगहा के पास नगर परिषद को कूड़े की डंपिंग के लिए जगह दी गयी थी. इसके बाद पूरे शहर से निकलने वाला कूड़ा वहीं फेंका जाता था. बाद में उक्त जगह के आसपास मोहल्ले बसने लगे. डंपिंग जोन से निकलने वाली कूड़े की बदबू और उसके धूल से लोग परेशान हो रहे थे. आबादी वाले इलाके में डंपिंग जोन बीमारी का घर बन रहा था. यह डंपिंग जोन जहानाबाद अरवल राष्ट्रीय राजमार्ग 33 से ठीक सटे है. जिसके कारण राजमार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और यात्रियों को भी बदबू का सामना करना पड़ता था. वहीं उत्तर की ओर से हवा चलने पर बस पर सवार लोग कूड़े के धूल से भर जाते थे. जब आबादी घनी हुई तो भागीरथ बिगहा और उसके आसपास के लोगों ने शहरी आबादी वाले क्षेत्र में कूड़े के डंपिंग जोन का विरोध करना शुरू कर दिया. आम नागरिकों के भारी विरोध के बाद वहां कूड़े की डंपिंग तो बंद कर दी गयी बावजूद इसके अभी तक वहां से कूड़े का ढ़ेर नहीं हटाया गया है. जिसके कारण आज भी आसपास के लोग के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग 33 से गुजरने वाले यात्री परेशान रहते हैं. वहां पर कूड़े की डंपिंग बंद हुए करीब 2 साल गुजर गये हैं किंतु इन दो वर्षों में भी वहां पहले से जमा कूड़ा नहीं हटाया जा सका है. इसके लिए मोहल्ले के लोगों ने कई बार नगर परिषद और जिला प्रशासन से गुहार भी लगाई है. बावजूद इसके वहां पर पड़े कूड़े का ढेर अभी भी आसपास रहने वाले लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है. हालांकि भागीरथ बिगहा डंपिंग जोन में कूड़ा फेंका जाना बंद किये जाने के बाद जहानाबाद घोसी पथ पर गोरखपुर गांव के समीप जिला प्रशासन ने नगर परिषद को 4.7 एकड़ जमीन कूड़े की डंपिंग के लिए आवंटित करायी थी. लेकिन नगर परिषद के सफाई कर्मी जब वहां कूड़े की डंपिंग के लिए गये, तो ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद वहां भी कूड़े की डंपिंग बंद कर देनी पड़ी. बारिश होते ही फैलने लगती है बदबू : भागीरथ बिगहा में पूर्व के बने डंपिंग जोन में पड़े कूड़े से तो आम दिनों में बदबू नहीं निकलती है क्यों कि पिछले 2 साल से वहां कूड़ा फेंका जाना बंद है। पहले से जो कूड़ा फेंका गया था वह सूख चुका है किंतु बारिश होते हैं कूड़े पर जब पानी पड़ता है तो वह फिर से गिला हो जाता है जिसके कारण बारिश के बाद कूड़ा पानी के संपर्क में आकर सड़ने लगता है. इसके बाद वहां उस कूड़े से फिर बदबू निकलनी शुरू हो जाती है. इन दोनों बारिश का महीना ही चल रहा है. ऐसे में चार आठ दिन पर बारिश हो ही जाती है. बारिश होते ही आसपास के लोगों की मुसीबत शुरू हो जाती है. कूड़े से बदबू निकलने लगती है जिससे मोहल्ले के लोग परेशान हो जाते हैं. मोहल्ले के लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 33 से गुजरने वाले लोग को भी बदबू का सामना करना पड़ता है.
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