जहानाबाद नगर
. डीएम अनिल कुमार सिन्हा के निर्देश पर श्रम अधीक्षक द्वारा गठित जिला धावा दल के नियमित संघन जांच अभियान में नियोजक मो साहेब द्वारा संचालित बाइक रिपेरिंग वर्क शॉप से एक किशोर श्रमिक को विमुक्त कराया गया. कार्यरत किशोर जहानाबाद का रहने वाला है. विमुक्त किशोर श्रमिक को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित कर बाल गृह में भेज दिया गया है. बाल श्रम एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधि के तहत नियोजक के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जा रही है. श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना गैर कानूनी है. बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों पर 20,000 से 50,000 तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है. इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एमसी मेहता बनाम तामिलनाडु सरकार, 1996 में दिए आदेश के आलोक में नियोजक से 20,000 प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जायेगी. इस राशि को जमा नहीं करने वाले नियोजक के विरूद्ध एक निलाम-पत्र वाद अलग से दायर किया जायेगा. उन्होंने लोगों से अपील की है अगर उन्हें कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलती है तो अविलंब श्रम अधीक्षक को या विभागीय वाट्सएप नंबर पर सूचना दें ताकि जिला धावा दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्यरत बाल श्रमिक को विमुक्त कराया जा सके. धावा दल में श्रम अधीक्षक मृत्यंजय कुमार झा, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी रामबाबु कुमार, शक्ति कुमार, शत्रुध्न कुमार समेत पुलिसकर्मी शामिल थे.
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