jehanabad news : अभिलेखागार से खतियान की कॉपी निकालने में छूट रहे पसीने

jehanabad news : जिले में जमीन सर्वे का तेजी से चल रहा काम, खतियान जमा करना जरूरीए पैतृक जमीन के कागजात निकालने के लिए अभिलेखागार का लगाना पड़ रहा चक्कर

जहानाबाद नगर. जिले में जमीन सर्वे का कार्य तेज गति से चल रहा है. सर्वे के दौरान भू-स्वामियों को अपने जमीन से संबंधित कागजात जमा कराना पड़ रहा है. जबकि भू-स्वामियों के पास पैतृक जमीन से संबंधित कोई कागजात उपलब्ध नहीं है.

ऐसे में भू-स्वामी खतियान निकालने के लिए अभिलेखागार का दौड़ लगा रहे हैं. सर्वे कार्य को लेकर किसान अपने सभी कागजात को ठीक कराने में लगे हुए हैं. उन्हें डर है कि बगैर कागजात उनकी जमीन उनके नाम नहीं चढ़ेगा. ऐसे में वे कागजात के लिए अभिलेखागार में खतियान निकालने के लिए दौड़ रहे हैं. रैयत द्वारा अपने पूर्वजों के नाम के जमीन का थाना, खसरा, खसरा आदि निकालने के लिए अभिलेखागार का चक्कर लगा रहे हैं. प्रतिदिन अभिलेखागार में 200-250 आवेदन खतियान निकालने से संबंधित प्राप्त हो रहा है. आवेदनों की अधिक संख्या होने के कारण उनका निबटारा ससमय नहीं हो पा रहा है. ऐसे में रैयतों को कागजात के लिए कई दिन चक्कर लगाना पड़ रहा है. कई ऐसे रैयत हैं, जिनके पास पैतृक जमीन से संबंधित कोई कागजात उपलब्ध नहीं है. ऐसे में वे जमीन से संबंधित कागजात निकालने के लिए परेशान दिख रहे हैं. अभिलेखागार द्वारा हालांकि किसानों को एक संभावित तिथि बताया जा रहा है. जिस तिथि पर आकर वे कागजात ले सकें, लेकिन आवेदनों की संख्या अधिक रहने के कारण संभावित तिथि पर भी किसानों को कागजात नहीं मिल रहा है. ऐसे में कई बार अभिलेखागार के समीप भू-स्वामियों द्वारा हंगामा भी किया गया है. डीएम से समय पर कागजात नहीं मिलने की शिकायत भी की गयी है, जिसके बाद भी किसानों को खतियान व अन्य कागजात निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सर्वे कार्य के लिए जरूरी है खतियान

सर्वे कार्य में खतियान की आवश्यकता पड़ रही है. अधिकांश रैयतों के पास पैतृक जमीन का खतियान उपलब्ध नहीं है. जमीन तो उनके कब्जे में है लेकिन खतियान एवं अन्य कागजात उपलब्ध नहीं रहने के कारण सर्वे कार्य में परेशानी उत्पन्न हो रही है. सर्वे के लिए आने वाले कर्मी द्वारा उनसे खतियान व अन्य कागजात की मांग किया जा रहा है. ऐसे में रैयत खतियान के लिए अभिलेखागार की दौड़ लगा रहे हैं. खतियान निकालने के लिए उन्हें कई दिन दौड़ लगाना पड़ रहा है, तब जाकर उन्हें जमीन से संबंधित कागजात उपलब्ध हो रहा है. इन दिनों अभिलेखागार के पास रैयतों की भारी भीड़ लग रही है. अधिकांश रैयत खतियान निकालने व खतियान देखने पहुंच रहे हैं.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

अभिलेखागार के प्रभारी पदाधिकारी धनंजय त्रिपाठी ने कहा कि रैयतों को समय पर कागजात उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि कागजात पुराने होने के कारण उसको ढूंढने में थोड़ा समय लगता है, जिससे कुछ रैयतों को निर्धारित समय पर कागजात नहीं मिल पाता है.

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Published by: Shailesh kumar

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