अरवल में 308 सोख्ता निर्माण का लक्ष्य, भूजल संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिलेगी रफ्तार

अरवल में गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत 308 सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाएगा. जानें इससे आम लोगों को क्या लाभ होगा.

Arwal jal-jeevan-hariyali: जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए जिले में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत व्यापक पहल की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि पानी को बनाया नहीं जा सकता, लेकिन इसे बचाया जरूर जा सकता है. इसी उद्देश्य से जिले में सार्वजनिक चापाकलों और कुओं के समीप 308 सोख्ता निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक और व्यक्तिगत दायित्व भी है. लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में भी सोख्ता का निर्माण कर वर्षा जल और बेकार बहने वाले पानी का संरक्षण करें, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके.

हर साल बढ़ रहा जल संकट

लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण पिछले पांच वर्षों से मार्च महीने के बाद जिले में गंभीर जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है. हर वर्ष जिले के 50 से अधिक गांवों में पेयजल की समस्या गहरा जाती है और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है.

पांच प्रखंडों में बनाए जाएंगे 308 सोख्ता

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जिले में कुल 308 सोख्ता निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है. मनरेगा के माध्यम से इनका निर्माण कराया जाएगा.

प्रखंडवार लक्ष्य इस प्रकार है:

  • अरवल प्रखंड – 80 सोख्ता
  • कलेर प्रखंड – 120 सोख्ता
  • करपी प्रखंड – 19 सोख्ता
  • कुर्था प्रखंड – 49 सोख्ता
  • बंशी प्रखंड – 40 सोख्ता

नाली के पानी की समस्या से भी मिलेगी राहत

सोख्ता निर्माण होने से नाली के पानी के निकास की समस्या का समाधान होगा. कई जगहों पर नाली के पानी को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद और झगड़े होते हैं. सोख्ता बनने से पानी जमीन में समाहित होगा और जलजमाव की समस्या भी कम होगी. इसके अलावा कम जगह वाले घरों में रहने वाले लोगों को नाली निर्माण की चिंता से भी राहत मिलेगी, क्योंकि सोख्ता व्यवस्था से पानी का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा.

क्या बोले जिला कार्यक्रम पदाधिकारी

मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि यह जल संचयन की एक बहुउद्देशीय योजना है. इसके माध्यम से भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने लोगों से भी जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की.

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By Nishikant kumr

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