Jehanabad : नाइट ब्लड सर्वे में 1,200 लोगों के लिये गये सैंपल

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने 17 नवंबर से नाइट ब्लड सर्वे अभियान शुरू कर दिया है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग के अनुसार, दो दिनों में कुल 1,224 लोगों के रक्त नमूने लिए जा चुके हैं. अभियान छह प्रखंडों के सात इम्प्लीमेंटेशन यूनिट क्षेत्रों में चलाया जा रहा है.

जहानाबाद नगर/कलेर

. जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने 17 नवंबर से नाइट ब्लड सर्वे अभियान शुरू कर दिया है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग के अनुसार, दो दिनों में कुल 1,224 लोगों के रक्त नमूने लिए जा चुके हैं. अभियान छह प्रखंडों के सात इम्प्लीमेंटेशन यूनिट क्षेत्रों में चलाया जा रहा है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को नाइट ब्लड सर्वे के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं. रोगी हितधारक मंच के सदस्य भी लोगों को रक्त सैंपल दिलाने और फाइलेरिया से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लिए गये रक्त नमूनों को तकनीकी रूप से स्टेनिंग कर राज्य स्तरीय जांच केंद्र भेजा जायेगा. रिपोर्ट के आधार पर माइक्रोफाइलेरिया से ग्रसित लोगों की पहचान की जाएगी, जिससे उनके उपचार में आसानी होगी. डॉ. कुमार ने बताया कि माइक्रोफाइलेरिया परजीवी रात के समय सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए रात में लिए गए नमूनों से उनकी पहचान करना आसान होता है. इसी कारण नाइट ब्लड सर्वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का अहम हिस्सा है. नाइट सर्वे के बाद जिले में सर्वजन दवा सेवन अभियान भी चलाया जायेगा, जिसमें लोगों को फाइलेरिया-रोधी दवा दी जायेगी. फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो एक बार होने के बाद जीवनभर समाप्त नहीं होती. जिले में हाथीपांव, हाइड्रोसील के अलावा महिलाओं के जननांग व पुरुषों के लिंग में फाइलेरिया के मामले भी सामने आते रहे हैं.

कलेर में भी फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कलेर प्रखंड में नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन किया गया. यह सर्वेक्षण 18 से 21 नवंबर तक कामता पंचायत के बाथे, सकरी खुर्द पंचायत के गोडियारी एवं कलेर में चलाया जा रहा है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नंद बिहारी शर्मा ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के कामता पंचायत के बाथे में 228 घरो सकरी खुर्द पंचायत के गोरियारी में 142 घर एवं कलेर के 128 घरों में नाइट ब्लड सर्वे का अभियान चलाया जा रहा है जिसमें 20 वर्ष से अधिक उम्र के ग्रामीणों की ब्लड सैम्पल की जांच की जायेगी, यह सर्वेक्षण रात में इसलिए किया जाता है कि फाइलेरिया के परजीवी रात में ही रक्त प्रवाह में आते हैं.

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Author: MINTU KUMAR

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