टूटे तटबंध से सैकड़ों बीघा में लगे धान की फसल बर्बाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमैन पंचायत में करीब आधे दर्जन ऐसी जगह को चिन्हित किया गया है, जहां तटबंध मरम्मत का कार्य किया जाना है और इस कार्य को पूरा करने के लिए लघु सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

जहानाबाद. सदर प्रखंड के अमैन में पारंपरिक सिंचाई के साधन पईन के तटबंध टूटने से सैकड़ों बीघा में लगे धान के फसल कई दिनों से डूबा है. तटबंध टूटने से खेतों में अधिक पानी भरने के कारण कई किसानों के खेतों में लगाये गये धान की फसल खराब हो चुकी है. जबकि दर्जनों किसानों के धान फसल बर्बाद होने की कगार पर है. हालांकि टूटे तटबंध की मरम्मति के लिए प्रशासन द्वारा सर्वे कर कई जगहों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अमैन पंचायत में करीब आधे दर्जन ऐसी जगह को चिन्हित किया गया है, जहां तटबंध मरम्मत का कार्य किया जाना है और इस कार्य को पूरा करने के लिए लघु सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. अमैन निवासी किसान बागेश्वरी शर्मा, सुरेश शर्मा बताते हैं कि मोरहर नदी में आयी बाढ़ के कारण पईन के तटबंध टूटने के कारण किसना काफी परेशान हैं. घर की जमा पूंजी भी गायब हो गयी. धान का फसल खेत में रोपने के बाद एकाएक बाढ़ का पानी खेत में समा गया और सारे फसल डूब गये. अब स्थिति ऐसी बन गयी है कि फसल खराब होने के बाद किसानों के पास दोबारा खेत में धान रोपने के लिए बिचड़े भी नहीं बचे हैं, जो किसान अपने खेत को हरा-भरा कर सके. ऐसे में कई किसानों की मेहनत एवं पूंजी दोनों गायब हो चुकी है. किसान बताते हैं कि तटबंध कमजोर रहने एवं कई जगहों पर पानी निकास का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण दिन -प्रतिदिन किसान की स्थिति भयावह होते जा रही है. ऐसे में अधिक पानी आने एवं निकास का रास्ता समुचित नहीं मिलने पर पईन का तटबंध टूट जाता है और बाढ़ का पानी खेतों में फैल जाता है, जिस पर सिंचाई विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को समय से पूर्व गौर करनी चाहिए. किसान यह भी बताते हैं कि अवैध खनन करने वाले माफिया गर्मी के दिनों में पईन से मिट्टी निकाल कर ऊंचे दाम पर बेच देते हैं. ऐसे में वह पइन को अधिक गहरा कर तटबंधों से भी छेड़छाड़ करते हैं जिस पर लगाम लगनी चाहिए. जानकार बताते हैं कि माफिया अधिक मिट्टी काटने के चक्कर में किसानों को प्रलोभन देकर तटबंध की भी मिट्टी काट लेते हैं जिसका दुष्परिणाम बारिश के दिनों में देखने को मिलता है और इसका खामियाजा सैकड़ों किसानों को भुगतना पड़ता है. बताते चलें कि सदर प्रखंड के अमैन, गोनवां, पंडुई जैसे पंचायत के कई गांव हैं, जहां निचले हिस्सों में 10 दिन बाद भी खेतों में लगे धान की फसल में पानी भरा है जो गहरी चिंता का विषय है.

क्या कहते हैं अधिकारी

टूटे तटबंध की मरम्मति को लेकर बीते दो दिनों से युद्धस्तर पर काम चल रहा है. पंचायत के विभिन्न गांव में करीब आधे दर्जन जगहों पर पईन के टूटे तटबंध को चिह्नित किया गया है, जहां मरम्मत का कार्य चल रहा है. कुछ जगहों पर 80 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है.

पल्लवी जोशी, जूनियर इंजीनियर, सिंचाई प्रमंडल, जहानाबाद

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Author: AMLESH PRASAD

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