जहानाबाद जिले के प्रमुख और एकमात्र बड़े खेल मैदान एरोड्रम की बदहाल स्थिति को देखते हुए अब खिलाड़ियों ने खुद मैदान को संवारने की कमान संभाल ली है. वाहन सीखने के लिए मैदान के इस्तेमाल से जगह-जगह बने गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह को खिलाड़ी श्रमदान कर भरने और समतल करने में जुटे हैं.
एरोड्रम फुटबॉल टीम के कप्तान मुकेश कुमार और क्रिकेट टीम के खिलाड़ी विकास कुमार समेत अन्य खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान की खराब स्थिति के कारण खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. ऐसे में खिलाड़ी अपने स्तर से मैदान को खेलने योग्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
वाहन प्रशिक्षण से उखड़ी मिट्टी, बने बड़े गड्ढे
खिलाड़ियों ने बताया कि एरोड्रम मैदान में वाहन प्रशिक्षण के दौरान लगातार चारपहिया वाहनों की आवाजाही से मैदान की मिट्टी उखड़ गयी है और कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी जमा होने से स्थिति और खराब हो गयी है. इससे क्रिकेट, फुटबॉल समेत अन्य खेलों के अभ्यास में खिलाड़ियों को भारी परेशानी हो रही है.
प्रशासन के इंतजार के बजाय स्वयं की पहल
मैदान की बदहाल स्थिति को देखते हुए खिलाड़ियों ने प्रशासन का इंतजार करने के बजाय स्वयं पहल की है. खिलाड़ी श्रमदान कर मैदान के गड्ढों में मिट्टी डालने और उसे समतल करने में जुटे हैं. खिलाड़ियों का कहना है कि एरोड्रम मैदान केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि सुबह टहलने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.
नियमित रखरखाव और वाहनों के प्रवेश पर रोक की मांग
खिलाड़ियों ने प्रशासन से मैदान की स्थायी रूप से मरम्मत कराने और वाहन प्रशिक्षण से होने वाले नुकसान पर रोक लगाने की मांग की है. खिलाड़ियों का कहना है कि यदि मैदान को सुरक्षित रखा जाये और नियमित रूप से इसका रखरखाव किया जाये, तो यहां खेल गतिविधियों को बेहतर तरीके से बढ़ावा दिया जा सकता है.
