जहानाबाद नगर. शहर के काको रोड स्थित मॉडल बस स्टैंड अपनी बुनियादी व्यवस्था से भटक चुका है. टर्मिनल के भीतर से यात्रियों को बैठाकर रवाना होने के बजाय दर्जनों निजी बसें सीधे नेशनल हाईवे (NH) पर डेरा जमाए रहती हैं. स्टैंड से बाहर निकलते ही चालक बीच सड़क पर वाहन रोककर यात्रियों की आवाज लगाने लगते हैं. यह किसी एक बस की बात नहीं, बल्कि दर्जनों गाड़ियां एक साथ सड़क घेरे रहती हैं, जिससे काको मोड़ से लेकर बिजली ऑफिस तक का पूरा इलाका रोजाना घंटों जाम की चपेट में रहता है.
स्कूल बसें और ट्रेन यात्री जाम में फंसे
इस मार्ग पर जाम का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और रेल यात्रियों पर पड़ रहा है। काको रोड से ही निजामउद्दीनपुर, हाजीपुर, एनवां और हवाईअड्डा की ओर जाने वाले कई निजी स्कूलों के वाहन गुजरते हैं. सुबह स्कूल शुरू होने और दोपहर में छुट्टी के वक्त जब स्कूली बसें टर्मिनल के सामने पहुंचती हैं, तो जाम में फंसकर रेंगने को मजबूर हो जाती हैं. कई बार मासूम बच्चे आधे-आधे घंटे तक बसों में फंसे रहते हैं. वहीं, पास ही रेलवे स्टेशन होने के कारण ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को भी बाहर निकलते ही भीषण जाम से जूझना पड़ता है.
सड़क पर बसें, पटरियों पर ठेला-खोमचों का कब्जा
समस्या सिर्फ बसों की अवैध पार्किंग तक ही सीमित नहीं है. सड़क के दोनों किनारों पर ठेले और खोमचे वालों ने पक्का कब्जा जमा रखा है. बची-खुची मुख्य सड़क पर यात्री बसें आड़ी-तिरछी खड़ी कर दी जाती हैं. पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है. नियमों को ताक पर रखकर की जा रही इस मनमानी से आम जनता रोज हलकान हो रही है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
"बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर गाड़ी लगाना पूरी तरह गलत है. वाहन चालकों को सख्त हिदायत देकर समझाया गया है कि वे मुख्य सड़क पर गाड़ियां खड़ी न करें." — वीरेंद्र कुमार, डीटीओ, जहानाबाद
