Jehanabad News: जहानाबाद सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इन जांचों की जरूरत पड़ने पर मरीजों को पटना और गया जाना पड़ता है. सदर अस्पताल में दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यूनिट स्थापित करने की योजना थी, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है.
नए भवन में यूनिट स्थापित करने के लिए चुनी गई थी जगह
मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कुछ माह पूर्व तेजी से प्रयास किया था. सदर अस्पताल परिसर में बन रहे नए भवन के ग्राउंड फ्लोर पर सीटी स्कैन और एमआरआई यूनिट स्थापित करने के लिए सिविल सर्जन और डीपीएम ने जगह का चयन किया था. यूनिट स्थापित करने वाली एजेंसी को भी इसकी जानकारी दी गई थी.
एजेंसी के प्रतिनिधियों ने जगह का निरीक्षण करने के बाद वहां यूनिट स्थापित करने पर सहमति भी दी थी. इसके बावजूद कई माह बीत जाने के बाद भी आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है. ऐसे में यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है.
जांच के लिए पटना-गया जाने को मजबूर मरीज
वर्तमान में सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच के लिए पटना और गया जाना पड़ता है. अस्पताल में इन सुविधाओं की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यूनिट स्थापित होने से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
पहले भी सीटी स्कैन यूनिट के लिए हुआ था जगह का चयन
सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में भी यूनिट स्थापित करने के लिए जगह का चयन किया गया था. अस्पताल परिसर में जगह नहीं मिलने के बाद अस्पताल के समीप संचालित एक विद्यालय में जगह चयनित की गई थी. वहां सीटी स्कैन यूनिट स्थापित की जानी थी.
हालांकि, संबंधित एजेंसी ने उस जगह को सुरक्षित नहीं मानते हुए यूनिट स्थापित करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद अस्पताल परिसर में ही जगह चयन करने का प्रयास किया जा रहा था. आखिरकार नए भवन के ग्राउंड फ्लोर पर यूनिट स्थापित करने के लिए जगह का चयन किया गया.
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने कहा कि सदर अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध करानी है. यूनिट की स्थापना के लिए संबंधित एजेंसी से पत्राचार किया जा रहा है.
