Jehanabad News: जहानाबाद नगर परिषद सहित जिले के सभी नगर निकायों में सशक्त स्थाई समिति (सशक्त कमेटी) के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नई चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान और रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. चुनाव 26 से 31 मई के बीच कराए जाने हैं.
पहले स्थगित हुआ था चुनाव
गौरतलब है कि इससे पहले 20 अप्रैल को जिले के सभी नगर निकायों में सशक्त स्थाई समिति के चुनाव प्रस्तावित थे. इसके लिए 2 अप्रैल को अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से चुनाव स्थगित कर दिया गया था. अब नई तिथि घोषित होने के बाद नगर परिषद और नगर पंचायतों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
अब चुनाव से चुने जाएंगे सदस्य
पहले सशक्त स्थाई समिति के तीन सदस्यों का मनोनयन मुख्य पार्षद द्वारा किया जाता था, लेकिन राज्य सरकार के नए निर्देश के अनुसार अब इन पदों पर चुनाव कराया जाएगा. जहानाबाद नगर परिषद में समिति के कुल पांच सदस्य होते हैं, जिनमें मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद पदेन सदस्य रहते हैं, जबकि तीन अन्य सदस्य चुनाव के जरिए चुने जाएंगे.
वर्तमान में मुख्य पार्षद रूपा देवी द्वारा मनोनीत सदस्यों में वार्ड 5 के करू चौधरी, वार्ड 25 के सत्येंद्र कुमार दास और वार्ड 29 के धनंजय कुमार शामिल हैं. नई समिति के गठन के साथ पुरानी समिति स्वतः भंग मानी जाएगी.
तीन सीटों के लिए कई गुट सक्रिय
सशक्त स्थाई समिति की तीन सीटों के लिए नगर परिषद में कई गुट सक्रिय हो गए हैं। मुख्य पार्षद रूपा देवी अपने समर्थकों को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। वहीं वार्ड संघ अध्यक्ष संजय कुमार यादव का गुट भी सक्रिय है. जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद बबलू भी चुनावी समीकरण साधने में जुटे हैं. इसके अलावा जन सुराज पार्टी से जुड़े प्रकाश कुमार भी चुनावी मैदान में सक्रिय बताए जा रहे हैं.
सभी गुट वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार बैठकें, संपर्क अभियान और राजनीतिक रणनीति बनाने में लगे हैं. सुबह से शाम तक पार्षदों के घरों पर नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है.
32 वार्ड पार्षद करेंगे मतदान
जहानाबाद नगर परिषद में कुल 33 वार्ड पार्षद हैं, लेकिन एक पार्षद के निधन के बाद वर्तमान संख्या 32 रह गई है. चुनाव में सभी 32 वार्ड पार्षद मतदान करेंगे। किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 17 वोट हासिल करने होंगे.
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार एक वार्ड पार्षद प्रत्येक सीट के लिए एक वोट डाल सकता है. यानी तीन सीटों के लिए प्रत्येक पार्षद तीन अलग-अलग वोट देगा. मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद भी मतदान प्रक्रिया में शामिल होंगे.
लोकतांत्रिक व्यवस्था को मिलेगा बल
राज्य सरकार का मानना है कि चुनाव के जरिए समिति के सदस्यों का चयन होने से नगर निकायों की कार्यप्रणाली अधिक लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनेगी. पहले मनोनयन व्यवस्था के कारण पक्षपात और विवाद की स्थिति बनती थी, जिसे खत्म करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Also Read: बिहार होकर चलने वाली कई ट्रेनें रद्द, कई के बदले रूट, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट
