Jehanabad News (सुनील शर्मा) : वट सावित्री पूजा के अवसर पर सलेमपुर गांव में एक दर्दनाक घटना घटी, जिसने पूजा के माहौल को अचानक भय और अफरा-तफरी में बदल दिया. गांव के प्राचीन वट वृक्ष के समीप बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक विधि-विधान के साथ वट सावित्री पूजा कर रही थीं. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना में जुटी थीं. वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ था. तभी अचानक पेड़ से भौंरों का एक बड़ा झुंड निकल पड़ा और वहां मौजूद महिलाओं पर हमला कर दिया.
जान बचाकर भागने लगीं महिलायें
भौंरों के अचानक हमले से पूजा स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. महिलाएं जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं. कई महिलाएं गिर पड़ीं, जबकि अनेक महिलाओं को भौंरों ने शरीर के विभिन्न हिस्सों में डंक मार दिए. डंक लगने से महिलाओं को तेज दर्द, सूजन और घबराहट की शिकायत होने लगी. घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया. आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़े और किसी तरह महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
अस्पताल की विशेष निगरानी में हैं महिलायें
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुलासगंज लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाओं की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि कुछ महिलाओं को अधिक डंक लगने के कारण विशेष निगरानी में रखा गया. घटना के बाद पूजा स्थल के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और गांव में पूरे दिन इस घटना की चर्चा होती रही.
ग्रामीणों ने भौंरों के छत्तों को हटाने की मांग रखी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूजा स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे खतरनाक भौंरों के छत्तों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को भी उजागर किया है.
Also Read : Buxar News : शराब माफियाओं पर पुलिस की नकेल, भारी मात्रा में शराब जब्त
