जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad Nagar Parishad: जहानाबाद नगर परिषद में कथित अवैध बहाली के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई का आदेश जारी किया है. विभाग के उप सचिव राजीव रंजन तिवारी ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को नियमानुसार जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
उपमुख्य पार्षद की शिकायत पर हुई कार्रवाई
नगर परिषद के उपमुख्य पार्षद पिंटू कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवैध बहाली की शिकायत की थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नियुक्तियों में आरक्षण नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. मुख्यमंत्री सचिवालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया.
आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में कहा गया कि नगर परिषद में बिना सार्वजनिक विज्ञापन जारी किए निजी व्यक्तियों से दैनिक आधार पर कार्य कराया जा रहा है. आरोप है कि नियुक्तियों में न तो आरक्षण रोस्टर का पालन किया गया और न ही शासन की निर्धारित भर्ती प्रक्रिया अपनाई गई. इससे योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं.
विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी को दिए स्पष्ट निर्देश
नगर विकास एवं आवास विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी को आदेश दिया है कि अवैध बहाली के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए. यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही भविष्य में सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमावली और आरक्षण रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा गया है.
सरकारी नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
उपमुख्य पार्षद ने अपने पत्र में कहा कि नगर परिषद में की गई नियुक्तियां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 की भावना के विपरीत हैं. साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग के 14 नवंबर 2014 के आदेश का भी उल्लंघन किया गया है. विभागीय आदेश के अनुसार आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत एचआर एजेंसी के माध्यम से ही की जा सकती है.
अवैध भुगतान की वसूली की भी उठाई मांग
शिकायत में मांग की गई है कि बिना विज्ञापन और निर्धारित नियमों के की गई सभी नियुक्तियों को रद्द किया जाए. इसके अलावा अवैध रूप से किए गए वेतन भुगतान की वसूली संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से की जाए. साथ ही बिना सक्षम स्थायी समिति की स्वीकृति के हुए कार्यों की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है.
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी नगर परिषद जहानाबाद के कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपी गई है.
