जहानाबाद के मॉडल स्कूल में डीएम का औचक निरीक्षण, 1200 में सिर्फ 300 छात्र मिले, उठे सवाल

Model School Inspection: जहानाबाद के मॉडल स्कूल में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने औचक निरीक्षण किया. पठन-पाठन, छात्र उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सवाल उठाते हुए डीएम ने शिक्षकों और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है. शिक्षा में सुधार के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.

Model School Inspection: जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने राजा बाजार स्थित मुरलीधर उच्च विद्यालय सह सरस्वती विद्या मंदिर (मॉडल स्कूल) का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन, शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति, निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षा संचालन और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का जायजा लिया.

डीएम ने कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाया, पूछे विषय आधारित सवाल

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्वयं कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाया. उन्होंने विद्यार्थियों से विषय आधारित प्रश्न पूछे और उनसे संवाद कर उनकी शैक्षणिक समस्याओं को समझने का प्रयास किया. विद्यार्थियों के अधिगम परिणाम अपेक्षित स्तर के नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जतायी और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिये.

शिक्षकों की उपस्थिति ठीक, लेकिन कक्षा संचालन में मिली कमी

निरीक्षण में विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति संतोषजनक पायी गयी. हालांकि, निर्धारित शिक्षण समय-सारणी और उसके अनुरूप कक्षा संचालन संतोषजनक नहीं पाया गया. विद्यालय में करीब 1200 नामांकित विद्यार्थियों के विरुद्ध मात्र करीब 300 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले. इस पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी जतायी और छात्र उपस्थिति में सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

दो से तीन वर्ग-खंडों के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाने पर जतायी आपत्ति

निरीक्षण के दौरान कुछ कक्षाओं में दो से तीन वर्ग-खंडों के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाया जा रहा था. इसे प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की दृष्टि से असंतोषजनक पाया गया. जिला पदाधिकारी ने सभी वर्ग-खंडों की कक्षाएं अलग-अलग संचालित करने का स्पष्ट निर्देश दिया.

भौतिकी और जीवविज्ञान के शिक्षकों की क्षमता भी जांची

जिला पदाधिकारी ने भौतिकी और जीवविज्ञान विषय के शिक्षकों की शिक्षण क्षमता का भी जायजा लिया. दोनों विषयों में शिक्षण क्षमता अपेक्षित स्तर की नहीं पायी गयी. विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से संबंधित मिली कमियों को लेकर प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

नियमित छात्र उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नियमित छात्र उपस्थिति, निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप कक्षा संचालन, प्रभावी शिक्षण और बेहतर अधिगम परिणाम सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

डीईओ को नियमित अनुश्रवण और औचक निरीक्षण का निर्देश

डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण और औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के विद्यालयों में औचक निरीक्षण का सिलसिला लगातार जारी रहेगा. सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की नियमित समीक्षा करते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मृत्युंजय कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >