Anemia Free Bihar: जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में ‘चिकित्सा आपके द्वार’, ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ एवं ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत प्रखंडवार उपलब्धि, जांच, उपचार, दवा वितरण और फॉलो-अप की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी.
173 हेल्थ फैसिलिटी सेंटर पर जांच का लक्ष्य
‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 173 हेल्थ फैसिलिटी सेंटर के लिए प्रति केंद्र 50 लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत कुल 8,650 लोगों की हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर समेत अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच की जानी है.
काको और मखदुमपुर का प्रदर्शन बेहतर
समीक्षा के दौरान काको और मखदुमपुर प्रखंड का प्रदर्शन बेहतर पाया गया. वहीं, अन्य प्रखंडों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जांच की गति बढ़ाने और प्रदर्शन में आवश्यक सुधार लाने का निर्देश दिया गया. डीएम ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
एनीमिया मरीजों के उपचार और फॉलो-अप पर जोर
इसके बाद एनीमिया मुक्त बिहार अभियान की समीक्षा की गयी. बैठक में बताया गया कि सभी प्रखंडों में चिन्हित एनीमिया मरीजों में लगभग 41 प्रतिशत को उपचार की आवश्यकता है. डीएम ने जरूरत के अनुसार मरीजों को आयरन की गोली उपलब्ध कराने, नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने और उपचार की निरंतरता बनाये रखने का निर्देश दिया.
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि चिन्हित मरीज किसी भी स्थिति में उपचार से वंचित न रहें.
टीबी मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने का निर्देश
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान डीएम ने चिन्हित टीबी मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने और नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने मरीजों का उपचार पूरा कराने पर भी विशेष जोर दिया.
डीएम ने अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए जहानाबाद को टीबी मुक्त जिला घोषित कराने की दिशा में लक्ष्यबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया.
आंकड़ों तक सीमित नहीं हो स्वास्थ्य अभियान
जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी अभियानों की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. समय पर जांच, सही उपचार, नियमित दवा और प्रभावी फॉलो-अप के माध्यम से आम लोगों को वास्तविक स्वास्थ्य लाभ मिलना चाहिए.
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने और नियमित अनुश्रवण के साथ स्वास्थ्य अभियानों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया.
