जहानाबाद में मानसून की बेरुखी ने रोकी धान की रफ्तार, खरीफ फसल पर छाए संकट के बादल

Jahanabad News: जहानाबाद में कमजोर मानसून और लगातार बढ़ती गर्मी के कारण धान की नर्सरी लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है. कृषि विभाग के 5064 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 3000 हेक्टेयर में ही बिचड़े डाले जा सके हैं. बारिश नहीं होने से धान के साथ-साथ झिंगी, सतपुतिया और मकई जैसी खरीफ फसलें भी सूखने लगी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.

Jahanabad News: जहानाबाद जिले में प्रतिकूल मौसम का असर अब खेती-बाड़ी पर साफ दिखाई देने लगा है. खरीफ सीजन की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले रोहिणी नक्षत्र के बीत जाने के बावजूद धान की नर्सरी तैयार करने का काम अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका है. लगातार बढ़ती गर्मी और बारिश की कमी के कारण किसान धान के बिचड़े डालने से बच रहे हैं. आद्रा नक्षत्र शुरू होने के बाद भी मौसम का सहयोग नहीं मिलने से कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं.

लक्ष्य के मुकाबले केवल 60 प्रतिशत नर्सरी तैयार

कृषि विभाग द्वारा जिले में धान की नर्सरी के लिए 5064 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. हालांकि अब तक केवल लगभग 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में ही धान के बिचड़े डाले जा सके हैं. यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 60 प्रतिशत है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर नर्सरी तैयार नहीं हुई तो धान रोपाई का कार्य भी प्रभावित होगा, जिसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है.

तेज गर्मी और पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती

किसानों के अनुसार लगातार तेज धूप और पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में धान के बिचड़े तैयार करना कठिन हो गया है. जिन किसानों ने नर्सरी लगा भी दी है, उन्हें पौधों को बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है. इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है.

Jahanabad News: गर्मी से खराब हो रहे धान के बिचड़े

जिले के कई क्षेत्रों में अत्यधिक तापमान के कारण धान के बिचड़े लाल पड़ने लगे हैं और खराब हो रहे हैं. इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इसी तरह का मौसम बना रहा तो नर्सरी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिसका असर आगे की खेती पर भी देखने को मिलेगा.

किसानों को सताने लगी खरीफ फसल की चिंता

किसान रामभरोसा प्रसाद सिंह, पूर्व मुखिया नरेश प्रसाद सिंह, गया सिंह और रामकिशोर शर्मा सहित कई किसानों ने बताया कि बारिश नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. उनका कहना है कि यदि आद्रा नक्षत्र में भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो धान की खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है. इससे उत्पादन घटने और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है.

भदई फसलों पर भी मंडराने लगा संकट

केवल धान ही नहीं, बल्कि ऊंची भूमि पर उगाई जाने वाली भदई फसलें भी मौसम की मार झेल रही हैं. झिंगी, सतपुतिया और मकई जैसी फसलें पानी की कमी के कारण सूखने लगी हैं. इससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की कई फसलों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.

ALSO READ: Jehanabad News : जानें जहानाबाद जिले में आज का दर्शन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >