Jahanabad News: (संजय अनुराग) मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह कार्यशैली को प्राथमिकता दी जाएगी. मंगलवार को जहानाबाद पहुंचने पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से आईजी विकास वैभव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं गमला भेंट कर सम्मानित किया. इसके बाद उन्हें सम्मान गार्ड द्वारा सलामी दी गई. आईजी के आगमन को लेकर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया.
अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग पर जोर
दौरे के दौरान आईजी ने जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की. समाहरणालय स्थित सभागार में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा एवं ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सदर एवं घोषी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साइबर क्राइम और यातायात पुलिस उपाधीक्षक, सभी अंचल पुलिस निरीक्षक तथा जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे. समीक्षा बैठक में आईजी विकास वैभव ने सभी थानाध्यक्षों से क्रमवार परिचय प्राप्त किया और थाना स्तर पर लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण, वारंट निष्पादन, शराबबंदी अभियान, साइबर अपराध तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली.
आम लोगों की शिकायतों का हो त्वरित निष्पादन
आईजी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. थाना स्तर पर जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी उन्होंने जोर दिया. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अनुशासन, सक्रियता और संवेदनशील पुलिसिंग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों का भरोसा और मजबूत हो।
साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता
आईजी ने साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा जैसे मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस बल को अधिक कार्यशील, जवाबदेह, अनुशासित और जनोन्मुख बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि आम जनता को बेहतर सुरक्षा और त्वरित न्याय मिल सके.
