Jahanabad News: जहानाबाद जिले में आजादी के बाद से अब तक ट्रक, बस और अन्य बड़े वाहनों के लिए कोई स्थायी पार्किंग स्थल नहीं बनाया गया है. स्थिति यह है कि शहर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भी पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है. जिले में आने-जाने वाले ट्रक और बसें आमतौर पर लाइन होटलों, पेट्रोल पंपों और सड़क किनारे खाली स्थानों पर खड़ी की जाती हैं. परिवहन विभाग में पंजीकृत हजारों वाहनों के अलावा अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहन भी रात के समय सड़क किनारे ही खड़े रहते हैं और सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं.
पेट्रोल पंपों पर भी सीमित है सुविधा
वाहन चालक बताते हैं कि अब अधिकांश पेट्रोल पंप संचालक भी अपने परिसर में लंबे समय तक वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं देते हैं. तेल भरवाने के बाद वाहनों को जल्द हटाने का दबाव बनाया जाता है. ऐसे में ट्रक चालकों के पास सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. अधिकांश पेट्रोल पंपों पर एक साथ चार-पांच से अधिक बड़े वाहन खड़े करने की भी जगह नहीं होती.
अप्रैल में जहानाबाद में भी हुई थी ऐसी घटना
बेगूसराय जैसी घटना इसी वर्ष 21 अप्रैल को जहानाबाद जिले में भी हुई थी. राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर नदियावां के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से ऑटो की टक्कर हो गई थी. इस हादसे में ऑटो सवार चार लोग घायल हो गए थे. हालांकि किसी की जान नहीं गई थी, लेकिन घटना ने सड़क किनारे खड़े वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया था.
हजारों वाहनों के बावजूद पार्किंग का अभाव
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार जहानाबाद में 5,000 से अधिक ट्रक पंजीकृत हैं. इसके अलावा बस, कार, ऑटो और अन्य छोटे-बड़े वाहनों की संख्या भी हजारों में है. हर दिन बड़ी संख्या में बाहरी मालवाहक वाहन भी जिले में पहुंचते हैं. पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकांश वाहन सड़क किनारे ही खड़े किए जाते हैं.
सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के नियम
विशेषज्ञों के अनुसार सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर अलग से कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वाहन यातायात में बाधा न बने. वाहन पूरी तरह सड़क से नीचे खड़ा होना चाहिए और उसके आगे-पीछे रिफ्लेक्टर लगे होने चाहिए. हालांकि अधिकांश स्थानों पर सड़क के किनारे पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण ट्रक और बसों का एक हिस्सा सड़क पर ही रह जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.
एनएच पर साइड लेन, लेकिन पर्याप्त नहीं
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बड़े वाहनों के लिए कुछ स्थानों पर साइड लेन बनाई जाती हैं, जहां ट्रक और बसें खड़ी की जा सकती हैं. लेकिन ऐसे स्थान काफी दूर-दूर स्थित हैं और वहां सीमित संख्या में ही वाहन खड़े हो सकते हैं. राज्य राजमार्गों पर ऐसी सुविधा लगभग नहीं के बराबर है, जिससे वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ जाती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता है. वाहन के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर नहीं होने पर भी कार्रवाई की जाती है. वाहन की फिटनेस जांच के दौरान इन मानकों की जांच की जाती है और नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना वसूला जाता है.
ट्रक मालिक संघ की मांग
जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भूषण सिंह का कहना है कि सरकार को पहले पर्याप्त पार्किंग स्थल उपलब्ध कराना चाहिए. इसके बाद यदि वाहन निर्धारित पार्किंग में नहीं खड़े किए जाते हैं तो कार्रवाई की जा सकती है. उनका कहना है कि अधिकांश मामलों में हादसे तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही, नींद या नशे की वजह से होते हैं. सड़क किनारे खड़े वाहनों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा.
बाजार क्षेत्र में भी पार्किंग की समस्या
जहानाबाद शहर में बाजार आने वाले लोग अपनी कारें दरधा पुल, सदर अस्पताल परिसर, अरवल मोड़ और राजा बाजार के आसपास खड़ी करते हैं. वहीं बाइक सवार अक्सर दुकानों के सामने वाहन लगा देते हैं. उचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है.
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