जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jahanabad Coaching Institutes: लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद जहानाबाद जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अग्निशमन विभाग के सर्वे में खुलासा हुआ है कि जिले के किसी भी कोचिंग संस्थान ने अब तक फायर एनओसी नहीं लिया है.
आग से बचाव के संसाधनों का अभाव
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं हैं. कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.
शहर की गलियों में संचालित हो रहे कोचिंग संस्थान
जहानाबाद शहर में करीब 15 बड़े कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जबकि छोटे कोचिंग संस्थानों की संख्या दर्जनों में है. इनमें से अधिकांश संकरी गलियों और कूचों में चल रहे हैं. ऐसी जगहों पर आग लगने की स्थिति में अग्निशमन विभाग की गाड़ियों का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है.
प्रतिदिन 10 हजार छात्र पहुंचते हैं पढ़ाई के लिए
जहानाबाद शहर के कोचिंग संस्थानों में प्रतिदिन करीब 10 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं. इनमें जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में छात्र आते हैं. कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी इन संस्थानों पर निर्भर हैं.
बुनियादी सुविधाओं की भी कमी
कई कोचिंग संस्थानों में छात्रों के लिए शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. अधिकांश संस्थानों में केवल बेंच, ब्लैकबोर्ड और पंखों की व्यवस्था है. सुरक्षा मानकों की अनदेखी छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
अग्निशमन विभाग ने दी चेतावनी
जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल ने बताया कि शहर के कोचिंग संस्थानों का सर्वेक्षण किया जा रहा है. किसी भी कोचिंग संस्थान ने विभाग से एनओसी प्राप्त नहीं किया है. सभी संस्थानों को अग्निशमन संबंधी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और एनओसी के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया है.
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं और फायर एनओसी के लिए आवेदन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है.
