जहानाबाद में 8 सूत्री मांगों को लेकर सेविका-सहायिकाओं का प्रदर्शन, सरकार को सौंपा ज्ञापन

Jahanabad Anganwadi Protest: जहानाबाद में 8 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया. एफआरएस सिस्टम बंद करने, मानदेय भुगतान और सरकारी दर्जे की मांग की.

जहानाबाद से अशोक कुमार की रिपोर्ट
Jahanabad Anganwadi Protest:
जहानाबाद में अपनी 8 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं कर्मचारी संघ के बैनर तले सेविका-सहायिकाओं ने समाहरणालय के समीप प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को संबोधित मांग पत्र सौंपा.

मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संघ के नेताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे सेविका-सहायिकाओं में नाराजगी बढ़ रही है.

एफआरएस सिस्टम बंद करने की उठी मांग

संघ की ओर से आईसीडीएस में लागू एफआरएस सिस्टम को बंद करने की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस व्यवस्था से सेविका-सहायिकाओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बकाया मानदेय भुगतान और ड्रेस व्यवस्था में बदलाव की मांग

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान करने की मांग रखी. साथ ही जीविका के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे बच्चों के घटिया ड्रेस को बंद कर पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई.

सरकारी कर्मचारी का दर्जा और पेंशन की मांग

संघ ने गुजरात सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की. इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई गई.

आंगनबाड़ी कर्मियों

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली और मानदेय बढ़ाने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही अन्य राज्यों के अनुरूप सेविका-सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि करने की मांग रखी गई.

मोबाइल राशि और पोषण व्यवस्था को लेकर भी मांग

संघ ने मोबाइल खरीद के लिए निर्धारित राशि सीधे सेविकाओं के खाते में भेजने की मांग की. इसके अलावा कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित रूप से सूखा राशन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई.

कम मानदेय में बड़ी जिम्मेदारी निभाने का दावा

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं वर्षों से कम मानदेय पर बच्चों और महिलाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं. इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है.

सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील

संघ के नेताओं ने सरकार से सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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