जीएनएम इंस्टीट्यूट में स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम व आइडिएशन चैलेंज का हुआ आयोजन

स्टार्टअप सेल, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय अरवल द्वारा जीएनएम इंस्टीट्यूट, अरवल में आउटरीच प्रोग्राम और आइडिएशन चैलेंज का आयोजन किया गया.

कलेर. स्टार्टअप सेल, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय अरवल द्वारा जीएनएम इंस्टीट्यूट, अरवल में आउटरीच प्रोग्राम और आइडिएशन चैलेंज का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को स्टार्टअप, उद्यमिता और स्टार्टअप बिहार नीति 2022 की जानकारी देना था.

कार्यक्रम की शुरुआत स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज अनंत कुमार द्वारा स्टार्टअप और उद्यमिता की मूलभूत जानकारी से हुई. इसके बाद आइडिएशन चैलेंज का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किया. इसके बाद बिहार स्टार्टअप नीति 2022 की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिससे छात्रों को उद्यमिता के नए अवसरों के बारे में जानकारी मिली. कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे इसका प्रभाव और भी व्यापक हुआ. कार्यक्रम के अंत में शीर्ष 5 छात्रों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. इस प्रतियोगिता में श्रेया कुमारी ने पहला स्थान प्राप्त किया. जबकि गुड़िया कुमारी को दूसरा स्थान मिला. पुष्पांजलि सिन्हा ने तीसरा स्थान हासिल किया. वहीं पल्लवी प्रिया को चौथा और एकता कुमारी को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ. इन विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति और नवाचारपूर्ण विचारों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिली. मीडिया प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर, अरवल के महाप्रबंधक शहदेव दास, जिला स्टार्टअप सेल के समन्वयक मनीष विभु तथा छात्र प्रतिनिधि सुबोध कुमार और हिमांशु राज उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान जीएनएम कॉलेज की प्राचार्य सोन्या कुमारी ने छात्रों को प्रेरित किया और स्टार्टअप सेल, जीइसी अरवल और स्टार्टअप बिहार के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नवाचार से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा और बिहार सरकार की यह पहल युवाओं को सशक्त बना रही है. इस अवसर पर राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो प्रणव कुमार ने कहा कि स्टार्टअप सेल, जीइसी अरवल लगातार छात्रों को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य कर रहा है. इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें व्यावसायिक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी मदद करते हैं. बिहार सरकार की स्टार्टअप नीति 2022 युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है और हमें गर्व है कि हमारा संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. मैं सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि वे आगे चलकर सफल उद्यमी बनेंगे.

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Author: AMLESH PRASAD

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