सदर अस्पताल में पेयजल, शौचालय व पार्किंग के लिए झेलनी पड़ती है परेशानी

सदर अस्पताल में इलाज के लिए जिले के दूर-दराज के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं. मरीजों के साथ उनके परिजन भी मौजूद होते हैं. हालांकि सदर अस्पताल में मरीज तथा उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव का सामना करना पड़ रहा है.

जहानाबाद नगर. सदर अस्पताल में इलाज के लिए जिले के दूर-दराज के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं. मरीजों के साथ उनके परिजन भी मौजूद होते हैं. हालांकि सदर अस्पताल में मरीज तथा उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव का सामना करना पड़ रहा है. मरीज को तो अस्पताल में एडमिट कर लिया जाता है, लेकिन मरीज के परिजन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इधर-उधर भटकते रहते हैं. उन्हें न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था मिल पाता है और न ही शौचालय तथा वाहन पार्क करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था ही मिलता है. दिन में तो परिजन किसी तरह इधर-उधर भटक कर अपना समय बीता लेते हैं लेकिन रात्रि में उनके लिए कोई ठौर-ठिकाना नहीं होता है जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा हालांकि पेयजल के लिए कुछ स्थानों पर आरओ की व्यवस्था कराया गया है लेकिन समुचित रख-रखाव नहीं होने के कारण आरओ का पानी मरीज व उनके परिजनों को नसीब नहीं हो पा रहा है. वहीं वार्ड में एडमिट मरीज के लिए तो शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन उनके परिजनों के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में इधर-उधर गंदगी फैलाने को मजबूर होते हैं या फिर अस्पताल के बाहर सुलभ शौचालय का उपयोग करते हैं. पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण इधर-उधर खड़ी रहती हैं गाड़ियां सदर अस्पताल में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में गाड़ियां इधर-उधर रास्ते पर ही खड़ी कर दी जाती हैं जिससे कई बार एंबुलेंस को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. मरीजों को तो अक्सर इससे परेशानी होती ही है, कई बार इमरजेंसी मरीज को लेकर आने-जाने वाले एंबुलेंस को भी आड़े-तिरछे खड़ी गाड़ियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार तो गाड़ी पार्क करने के लिए लोगों के बीच बक-झक भी हो जाती है जिसके बाद भी इन परेशानियों को दूर करने को लेकर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है. क्या कहते हैं अधिकारी सदर अस्पताल के नये भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जिसके कारण कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं. नये भवन बनने के बाद इस तरह की परेशानियां दूर हो जायेंगी और लोगों को बेहतर इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं भी मिलने लगेंगी. डॉ प्रमोद कुमार, कार्यकारी अधीक्षक, सदर अस्पताल

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMLESH PRASAD

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >