गांधी मैदान में 60 लाख की लागत से बना मॉडल शौचालय में लटका है ताला

जहानाबाद के गांधी मैदान में 60 लाख की लागत से बना मॉडल शौचालय उद्घाटन के बाद भी बंद है, जिससे फिजिकल तैयारी करने वाले युवाओं को भारी परेशानी हो रही है।

फिजिकल एक्टिविटी में जुटे युवा सुविधा से हो रहें वंचित फोटो-02 60 लाख का मॉडल शौचालय तैयार, फिर भी गांधी मैदान में लटका ताला उद्घाटन के बाद भी नहीं मिली लोगों को सुविधा फिजिकल तैयारी करने वाले युवाओं और महिलाओं को परेशानी प्रतिनिधि, जहानाबाद नगर शहर के गांधी मैदान में करीब 60 लाख रुपये की लागत से बना मॉडल शौचालय लोगों के उपयोग के इंतजार में बंद पड़ा है. निर्माण पूरा होने के बाद से ही शौचालय में ताला लटका हुआ है. हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान इसका उद्घाटन भी किया था, लेकिन इसके बाद भी लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है. गांधी मैदान शहर का महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है. यहां सुबह से शाम तक सैकड़ों की संख्या में युवा विभिन्न बहालियों की तैयारी के लिए फिजिकल अभ्यास करते हैं. वहीं सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए भी पहुंचते हैं. इसके अलावा शहर में होने वाले बड़े आयोजन, राजनीतिक दलों की रैली और सभाएं भी इसी मैदान में आयोजित की जाती हैं. ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर लोगों की परेशानी को देखते हुए बुडको की ओर से मॉडल शौचालय का निर्माण कराया गया था. निर्माण पूरा होने के बाद लोग इसे सिर्फ देखकर संतोष कर रहे हैं. शौचालय का ताला नहीं खुलने के कारण लोग इस सुविधा से वंचित हैं. गांधी मैदान में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर फिजिकल तैयारी करने वाली युवतियों को अधिक परेशानी होती है. मैदान में बहाली की तैयारी करने वालों में 50 प्रतिशत से अधिक संख्या युवतियों की रहती है. आसपास सघन आबादी होने के कारण उन्हें शौचालय के अभाव में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मालूम हो कि गांधी मैदान में फिजिकल एक्टिविटी और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की परेशानी से संबंधित खबर प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी. इसके बाद जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहल की थी, जिसके बाद मॉडल शौचालय निर्माण का कार्य शुरू हुआ था. कई माह पूर्व निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी शौचालय चालू नहीं हो सका है. लोगों का कहना है कि गांधी मैदान जैसे सार्वजनिक स्थल पर शौचालय के साथ पेयजल की सुविधा भी जरूरी है, ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी से राहत मिल सके. गांधी मैदान में नहीं है शीतल पेयजल की व्यवस्था गांधी मैदान में फिजिकल तैयारी करने वाले युवक-युवतियों को शौचालय के साथ-साथ पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है. मैदान में शीतल पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है. बहाली की तैयारी में जुटे युवा घंटों तक मैदान में अभ्यास करते हैं. इस दौरान उन्हें पानी की जरूरत पड़ती है. पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण कई युवा अपने साथ पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचते हैं. हालांकि लंबे समय तक प्रैक्टिस करने के दौरान बोतल का पानी खत्म हो जाने पर उन्हें आसपास के घरों से पानी मांगना पड़ता है. युवाओं का कहना है कि गांधी मैदान जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर शौचालय के साथ-साथ पेयजल की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि यहां अभ्यास करने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. क्या कहते हैं पदाधिकारी गांधी मैदान में मॉडल शौचालय का निर्माण कराया गया है. लोगों के उपयोग के लिए इसे शीघ्र ही चालू करा दिया जायेगा, जिससे लोगों की परेशानी दूर हो जायेगी. राजीव रंजन सिंह, एसडीएम, जहानाबाद

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Author: Mritunjay Jehanabad

Published by: Mintu Kumar

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