अरवल. मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू की है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से संचालित नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत अब मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए नाव और जाल की खरीद पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा. जिला मत्स्य पदाधिकारी अहमद अली राजा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के परंपरागत और सक्रिय मछुआरों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अधिक कुशलता और सुरक्षित तरीके से मछली पकड़ने का कार्य कर सकें. इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि जिले में मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि योजना के तहत फिशिंग वुडन बोट, फिशिंग एफआरपी बोट और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज को शामिल किया गया है. विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार फिशिंग वुडन बोट पैकेज के लिए सात लाभार्थियों, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज के लिए छह लाभार्थियों और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज के लिए 25 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा. प्रत्येक मछुआरा इनमें से किसी एक ही पैकेज के लिए आवेदन कर सकेगा. इस योजना से 3 लाख रुपए की लागत वाले आइस बॉक्स वाहन खरीदने पर सिर्फ 1.5 लाख रुपए ही देना होगा. इस पहल से मछली व्यवसाई को काफी राहत मिलेगी और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी. इसके साथ साथ ताजी मछलियों के बिक्री से संक्रमण का खतरा भी कम रहेगा.
jehenabad news. नाव-जाल खरीद पर मछुआरों को मिलेगा अनुदान
मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने शुरू की योजना
