Jehanabad News : बढ़ती महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों और मजदूरों की समस्याओं के खिलाफ देशव्यापी आह्वान पर गुरुवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाला. भाकपा-माले जिला कार्यालय से निकला मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए काको मोड़ पहुंचा. यहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य एवं किसान नेता रामाधार सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई की मार से परेशान है. परिवहन और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. इसका सीधा असर गरीब, किसान, मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है.
एथेनॉल नीति पर उठाये सवाल
रामाधार सिंह ने सरकार की एथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए मक्का और गन्ना जैसे खाद्यान्नों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. खाद्यान्न का इस तरह उपयोग बढ़ने से भविष्य में खाद्य संकट गहरा सकता है. उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी और गुड़ की कीमतें भी गरीबों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं.
मजदूरी बढ़ाने की मांग
वक्ताओं ने ग्रामीण और दैनिक मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने तथा उन्हें श्रम का उचित मूल्य दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने और मजदूरी में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने से मजदूर परिवारों के बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विरोध सभा में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने महंगाई पर रोक लगाने, गरीबों को राहत देने और मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण मजदूर और भाकपा-माले कार्यकर्ता शामिल हुए.
