अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाएं, संस्थागत प्रसव को दें बढ़ावा : डीएम

जहानाबाद डीएम ने स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल पर तत्काल रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Jehanabad News : जहानाबाद जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और सरकारी अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने एम आशा पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेटेशन सुनिश्चित कराने को कहा. डीएम ने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सदर अस्पताल से अधिक रेफरल पर मांगा स्पष्टीकरण

जिला पदाधिकारी ने ग्राम प्लेक्स में जिले के सभी आशा फैसिलिटेटर, प्रखंड सामुदायिक प्रेरक और जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में संस्थागत प्रसव, टीबी मुक्त भारत अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, पोर्टल एवं एप्लीकेशन पर आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मरीजों के रेफरल और चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे सर्जिकल कार्यों समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई.

मरीजों के रेफरल की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि मरीज को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने का निर्णय रेफरल पॉलिसी, चिकित्सकीय आवश्यकता और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही लिया जाए. अनावश्यक रेफरल को गंभीरता से लेते हुए इसकी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. सदर अस्पताल से अत्यधिक संख्या में किए जा रहे रेफरल के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए कारण बताओ कार्रवाई भी की गयी है.

तीन प्रखंडों की आशा कार्यकर्ताओं से मांगा जवाब

एम आशा पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि रतनी फरीदपुर की 40, काको की 55 और मखदुमपुर की 73 आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों और आवश्यक सूचनाओं के अपडेटेशन में अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं हैं. इस पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों और तीनों प्रखंडों के बीसीएम से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया.

डीएम ने कहा कि जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों और जरूरी सूचनाओं का पोर्टल पर नियमित एवं समयबद्ध अपडेटेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए. आशा फैसिलिटेटर और बीसीएम इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें तथा लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें.

महादलित टोलों में संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर

संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान डीएम ने विशेष रूप से महादलित टोलों को चिह्नित कर वहां संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विकास मित्र, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर आपसी समन्वय से गर्भवती महिलाओं की पहचान करें. उन्हें समय पर आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित प्रसव के लिए स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंच सुनिश्चित की जाए.

टीबी और एनीमिया अभियान की समीक्षा

टीबी मुक्त भारत और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्षित लाभार्थियों तक जांच, उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. फील्ड स्तर पर नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए कार्य करने को कहा गया.

योजनाओं का लाभ अंति व्यक्ति तक पहुंचे

डीएम ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना प्राथमिकता है. स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए फील्ड स्तर पर सक्रियता, नियमित अनुश्रवण, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया.

बैठक में जिला स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारी, प्रखंड सामुदायिक प्रेरक, आशा फैसिलिटेटर एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे.

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By संजय कुमार अनुराग

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