Jehanabad News : ई-निबंधन व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच बनी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने निबंधन कार्यालय, जहानाबाद का पुनः निरीक्षण कर ई-निबंधन व्यवस्था के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को नई व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए सरल, सहज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिये.
पेपरलेस का मतलब कागजी दस्तावेज बंद होना नहीं
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि पेपरलेस व्यवस्था का अर्थ यह नहीं है कि लोगों को निबंधित दस्तावेज की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी. पेपरलेस व्यवस्था मुख्य रूप से सरकारी अभिलेखों और विभागीय प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से जुड़ी है. निबंधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षकारों को निबंधित दस्तावेज की कागजी प्रति पहले की तरह उपलब्ध करायी जाती रहेगी.
सेवा प्रदाताओं को दी गयी हैंड्स ऑन ट्रेनिंग
डीएम ने ई-निबंधन की तकनीकी प्रक्रिया, दस्तावेजों के निष्पादन और आम लोगों व सेवा प्रदाताओं को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की. सेवा प्रदाताओं को ई-निबंधन प्रणाली से जोड़ने के लिए हैंड्स ऑन ट्रेनिंग और आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि निबंधन के दौरान लोगों को परेशानी नहीं हो.
27 अगस्त को सभी अंचलों में लगेगा शिविर
ई-निबंधन व्यवस्था की पूरी जानकारी देने और लोगों की भ्रांतियां दूर करने के लिए 27 अगस्त को जिले के सभी अंचलों में जागरूकता शिविर आयोजित किये जाएंगे. शिविरों में निबंधन कार्यालय के कर्मी मौजूद रहेंगे और नागरिकों व सेवा प्रदाताओं को तकनीकी सहायता के साथ प्रक्रिया की जानकारी देंगे.
दो लोगों को दी गयी निबंधित दस्तावेज की हार्ड कॉपी
ई-निबंधन के लिए निर्धारित नौ दस्तावेजों में सफलतापूर्वक निबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जिला पदाधिकारी ने अमरजीत कुमार और सत्येंद्र कुमार को प्रदान की. इससे यह भी स्पष्ट किया गया कि डिजिटल प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद निबंधित दस्तावेज की कागजी प्रति मिलती रहेगी.
डीएम ने कहा कि ई-निबंधन व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना है. उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि कार्यालय आने वाले प्रत्येक नागरिक को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएं. जिला प्रशासन ने लोगों से 27 अगस्त के जागरूकता शिविरों का लाभ उठाने और ई-निबंधन से जुड़ी अफवाहों से बचने की अपील की है.
