Arwal News : अरवल जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम और बचाव को लेकर जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. बैठक में जिले में डेंगू की स्थिति, उपचार व्यवस्था, फॉगिंग, साफ-सफाई, जनजागरूकता और विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई.
इस साल अब तक डेंगू के चार पॉजिटिव मामले
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 20 अगस्त तक अरवल जिले में डेंगू के चार पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है. वर्ष 2025 में 28, 2024 में 39, 2023 में 66 और 2022 में आठ पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए थे. वर्ष 2022 से 2026 तक जिले में कुल 145 पॉजिटिव मामले और एक मौत दर्ज की गई है. ये आंकड़े एनसीवीबीडीसी पोर्टल से प्राप्त किए गए हैं.
साफ और जमा पानी में पनपता है एडिज मच्छर
बैठक में बताया गया कि डेंगू एडिज मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल रोग है. यह मच्छर सामान्यतः दिन में काटता है और साफ एवं रुके हुए पानी में पनपता है. लोगों को डेंगू के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी देने पर जोर दिया गया.
सदर अस्पताल में 10 बेड का मच्छरदानी युक्त वार्ड
जिले में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष व्यवस्था की गई है. सदर अस्पताल अरवल में 10 बेड का मच्छरदानी युक्त वार्ड उपलब्ध है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करपी, कुर्या और कलेर में चार-चार बेड के मच्छरदानी युक्त वार्ड बनाए गए हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशी और अरवल में दो-दो बेड की व्यवस्था है.
जलजमाव वाले स्थानों की नियमित जांच का निर्देश
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को डेंगू और चिकनगुनिया के संभावित मामलों की लगातार निगरानी करने तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, जांच किट और अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया.
फॉगिंग और लार्वीसाइड का कराया जाए छिड़काव
डीएम ने नालियों, जलजमाव वाले स्थानों, निर्माणाधीन भवनों, कूलर, गमले और ऐसे अन्य स्थानों की नियमित जांच कराने को कहा, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है. मच्छरों के नियंत्रण के लिए जरूरत के अनुसार फॉगिंग और लार्वीसाइड का छिड़काव कराने तथा इसकी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया.
स्कूल और आंगनबाड़ी से चलेगा जागरूकता अभियान
नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं को अपने क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई कराने और जलजमाव की समस्या का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया गया. विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया.
डीएम ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम में आम लोगों की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है. घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना, साफ-सफाई रखना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना जरूरी है. बैठक में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे.
