Arwal News: सावन माह की पहली सोमवारी को लेकर अरवल जिले के प्रसिद्ध मधुश्रवा धाम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. सोमवार को बाबा मधेश्वरनाथ के जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है.
पहली सोमवारी पर कई जिलों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
सावन की पहली सोमवारी को अरवल के अलावा जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, पटना, भोजपुर समेत आसपास के कई जिलों से श्रद्धालुओं के मधुश्रवा पहुंचने की संभावना है. वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के तहत कई श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के रूप में लंबी दूरी तय कर धाम पहुंचते हैं. इससे पूरा क्षेत्र "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से भक्तिमय हो उठता है.
गंगा-संगम से जल लेकर पैदल पहुंचते हैं श्रद्धालु
स्थानीय परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पटना के हल्दी छपरा स्थित गंगा-संगम से पवित्र जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए मधुश्रवा धाम पहुंचते हैं. इसके बाद बाबा मधेश्वरनाथ का जलाभिषेक करते हैं. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है. इसके अलावा कई श्रद्धालु सोन नदी एवं अन्य पवित्र जलस्रोतों से भी जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं.
पहली सोमवारी से श्रावणी मेले का शुभारंभ
पहली सोमवारी के साथ ही मधुश्रवा धाम में एक माह तक चलने वाले श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ भी माना जाता है. पूरे सावन माह में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहेगा, जबकि प्रत्येक सोमवार को विशेष भीड़ उमड़ने की संभावना है. मेले में पूजा-अर्चना के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए खरीदारी और मनोरंजन भी आकर्षण का केंद्र रहता है.
मंदिर और मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. मेहंदिया थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार ने बताया कि पहली सोमवारी को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी. मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, पार्किंग स्थल, मुख्य प्रवेश मार्गों तथा संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा.
अफवाह और असामाजिक गतिविधियों पर रहेगी नजर
पुलिस के अनुसार किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने अथवा असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूजा-अर्चना करने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है.
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