सीएस ने ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों का काटा वेतन

सदर अस्पताल में सर्जन हैं लेकिन एक भी छोटा ऑपरेशन नहीं होता है जिसके लिए मरीजों को निजी क्लिनिक में जाना पड़ता है.

अरवल.

सदर अस्पताल में सर्जन हैं लेकिन एक भी छोटा ऑपरेशन नहीं होता है जिसके लिए मरीजों को निजी क्लिनिक में जाना पड़ता है. लगातार सदर अस्पताल में ड्यूटी से गायब रहने पर सिविल सर्जन डॉ राय कमलेश्वर नाथ सहाय ने सर्जन डॉ मंजीत कुमार सिंह का दस दिन का और सात दिन गायब रहने पर सोनोग्राफी जीशान अली का सात दिनों का वेतन काटा है. साथ ही दोनों से अलग अलग स्पष्टीकरण भी किया है. अल्ट्रासाउंड के लिए सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओ कि भीड़ लगी रहती है. एक दिन में महज 50 लोंगो का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है. ऐसे में सोनोग्राफी के गायब रहने के कारण निजी संचालकों की चांदी कटने लगती है. मालूम हो कि पांच वर्षो तक सदर अस्पताल में सोनोग्राफी नहीं रहने के कारण अल्ट्रासाउंड बंद था. डीएम वर्षा सिंह के हस्तक्षेप पर सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड चालू हो पाया है. सर्जन को प्रतिनियुक्त हुए चार महीना से ऊपर हो गया. सदर अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर भी बना हुआ है लेकिन एक भी छोटा ऑपरेशन नहीं हो पाया है. जिसके कारण मरीजों को निजी क्लिनिक या बाहर जाकर ऑपरेशन करना पड़ता है. जहां पर मरीजों को गाढ़ी कमाई को खर्च करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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